मुंबई में मीठी क्रांति और स्वास्थ्य क्रांति साथ-साथ!
मुंबई। एक तरफ स्वाद और रचनात्मकता का अनोखा उत्सव, दूसरी तरफ भविष्य की स्वास्थ्य क्रांति। मुंबई इन दिनों दो बड़े आयोजनों का गवाह बना, जहां एक ओर Lotus Biscoff के दीवानों ने अपनी कल्पना का जादू बिखेरा, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र को 2047 तक ग्लोबल हेल्थकेयर हब बनाने का रोडमैप पेश किया।
‘एवरी वे टू बिस्कॉफ’ – मीठे स्वाद का अनोखा महोत्सव
मोंडेलेज़ इंडिया द्वारा आयोजित ‘एवरी वे टू बिस्कॉफ’ इवेंट ने बिस्कॉफ प्रेमियों का कार्निवल रचा। नवंबर 2025 में भारत में लॉन्च हुए Lotus Biscoff ने अब कैफे से लेकर घरेलू किचन तक अपनी जगह बना ली है।
देशभर से आए होम बेकर्स, फूड क्रिएटर्स और इंफ्लुएंसर्स ने सोशल मीडिया चैलेंज से चुनी गई 15 क्रिएटिव डिशेज़ को लाइव पेश किया। चीज़केक, ब्राउनी, पैनकेक और मिल्कशेक में बिस्कॉफ का अनोखा स्वाद देखने को मिला।
मशहूर शेफ पूजा ढींगरा, बेकिंग एक्सपर्ट शिवेश भाटिया और फूड क्रिएटर सलोनी कुकरेजा ने इवेंट की मेजबानी की। लाइव टेस्टिंग और इंटरैक्टिव सेशंस में यह साबित हुआ कि बिस्कॉफ का आनंद लेने का कोई एक तरीका नहीं—हर अंदाज़ खास है।
पल्स 2026 – स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा विजन
इसी मुंबई में आयोजित दो दिवसीय पल्स 2026 समिट ने महाराष्ट्र को वैश्विक हेल्थकेयर और रिकवरी हब बनाने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्घाटन करते हुए कहा, “हम सिर्फ एक सम्मेलन नहीं कर रहे, बल्कि आने वाले दशक की स्वास्थ्य दिशा तय कर रहे हैं।”
फडणवीस ने जोर दिया कि हर नागरिक को 5-8 किलोमीटर के दायरे में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। समिट में डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीनिकल इनोवेशन और मेडिकल एजुकेशन पर गहन चर्चा हुई।
सुनेत्रा पवार ने तकनीक और समावेशी विकास को भविष्य की कुंजी बताया, जबकि हसन मुशरिफ और मधुरी मिसल ने मेडिकल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुंबई की दो अलग मिसालें
एक तरफ बिस्कॉफ का मीठा जश्न जहां रचनात्मकता और प्रयोग की बात हुई, वहीं पल्स 2026 ने स्वास्थ्य, नवाचार और आर्थिक विकास को जोड़कर महाराष्ट्र को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का संदेश दिया।
दोनों आयोजन अलग-अलग क्षेत्रों में हैं, लेकिन दोनों ही मुंबई को रचनात्मकता और प्रगति का केंद्र साबित कर रहे हैं। बिस्कॉफ के दीवाने अपनी डिशेज़ के साथ खुश हैं, तो स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ 2047 के स्वस्थ और समृद्ध महाराष्ट्र के सपने देख रहे हैं।






