Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, September 12
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Music

    एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल जग में रह जायेंगे प्यारे तेरे बोल

    ShagunBy ShagunJuly 22, 2025 Music No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 1,545

    यादें: पार्श्व गायक मुकेश की: नीतू सिंह

    बात 22 जुलाई 1923 की है जहां दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे मुकेश चंद माथुर, जिन्हें दुनिया मुकेश के नाम से जानती है, हिंदी सिनेमा के उन गायकों में से हैं, जिनकी आवाज ने न केवल गीतों को, बल्कि भावनाओं को भी अमर कर दिया। उनकी दर्दभरी, सच्ची और मखमली आवाज आज भी लाखों दिलों में गूंजती है। मुकेश ने अपने समकालीनों की तुलना में कम गाने गाए, लेकिन उनके गाए हर गीत ने श्रोताओं के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। “हम उस देश के वासी हैं”, “मैं न भूलूंगा”, और “मैं पल दो पल का शायर हूं” जैसे गीत आज भी उतने ही जीवंत हैं, जितने अपने समय में थे।

    जीवन का सफर : मैं न भूलूंगा

    मुकेश का जन्म दिल्ली में जोरावर चंद माथुर और चांद रानी के घर हुआ। दस भाई-बहनों में छठे नंबर पर रहे मुकेश को संगीत का शौक बचपन से था। उनकी बड़ी बहन की संगीत कक्षाओं को दरवाजे के पीछे छिपकर सुनना और गुनगुनाना उनकी शुरुआती ट्रेनिंग थी। दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़कर उन्होंने लोक निर्माण विभाग में नौकरी शुरू की, लेकिन उनका मन संगीत में ही रमा। उनकी प्रतिभा को उनके रिश्तेदार और अभिनेता मोतीलाल ने पहचाना, जब मुकेश ने अपनी बहन की शादी में गाना गाया। मोतीलाल उन्हें मुंबई ले गए और पंडित जगन्नाथ प्रसाद से संगीत की औपचारिक शिक्षा दिलवाई।

    करियर में पहला ब्रेक 1941 में मिला

    मुकेश का पहला ब्रेक 1941 में फिल्म “निर्दोष” में एक अभिनेता-गायक के रूप में मिला, लेकिन असली पहचान 1945 में फिल्म “पहली नजर” के गाने “दिल जलता है तो जलने दे” से मिली। इस गाने में उनके आदर्श के.एल. सहगल की शैली की झलक थी, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। शुरुआती दौर में सहगल से प्रभावित होने के बावजूद, मुकेश ने जल्द ही अपनी अनूठी शैली विकसित की, जो दर्द, प्रेम और जिंदगी की सादगी को व्यक्त करती थी।

    राज कपूर ने नम आँखों से कहा- ”मेरी तो आवाज ही चली गयी ! ”

    मुकेश को राज कपूर की आवाज कहा जाता था। उन्होंने राज कपूर के लिए 110 से अधिक गाने गाए, जिनमें “आवारा हूं”, “मेरा जूता है जापानी”, और “दोस्त-दोस्त न रहा” जैसे गीत शामिल हैं। फिल्म “आवारा” का गाना “आवारा हूं” न केवल भारत में, बल्कि रूस और अन्य देशों में भी इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी वहां लोग इसे गुनगुनाते हैं। राज कपूर ने एक साक्षात्कार में कहा था, “मैं तो बस शरीर हूं, मेरी आत्मा तो मुकेश है।” उनके निधन पर राज कपूर एकदम शॉक थे उन्होंने नम आँखों से कहा- मेरी तो आवाज ही चली गयी!

    इन गीतों को गाकर अमर कर दिया जो बन गए उपलब्धियां

    मुकेश ने 1300 से अधिक गाने गाए, जिनमें दर्द भरे गीतों के साथ-साथ प्रेम और उत्साह से भरे गाने भी शामिल हैं। उनके कुछ मशहूर गीतों में शामिल हैं:“हम उस देश के वासी हैं” (फिल्म: जिस देश में गंगा बहती है) और भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता हूं – देशभक्ति की भावना से भरा यह गाना आज भी प्रेरणा देता है।

    “मैं न भूलूंगा” (फिल्म: रोटी) – प्रेम और वियोग की गहरी भावना को व्यक्त करता यह गीत उनकी आवाज का जादू दिखाता है।
    “मैं पल दो पल का शायर हूं” (फिल्म: कभी-कभी) – साहिर लुधियानवी के बोल और खय्याम के संगीत में मुकेश की आवाज ने इसे कालजयी बना दिया।

    RIP: 22 July 1923- August 27, 1976

    कहीं दूर जब दिन ढल जाए
    साँझ की दुल्हन बदन चुराए
    चुपके से आए
    मेरे ख़यालों के आँगन में
    कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
    कहीं दूर …

    मुकेश को 1959 में “अनाड़ी” के गाने “सब कुछ सीखा हमने” के लिए पहला फिल्म फेयर पुरस्कार मिला। 1974 में “रजनीगंधा” के गाने “कई बार यूं भी देखा है” के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    मुकेश जी का था एक अधूरा सपना

    मुकेश का एक सपना था अपनी आत्मकथा लिखने का, जिसमें वे अपने बचपन, संघर्ष, और संगीत के प्रति प्रेम को साझा करना चाहते थे। शादी से पहले वे रोज डायरी लिखा करते थे, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। 27 अगस्त 1976 को, 53 साल की उम्र में अमेरिका में एक म्यूजिकल शो के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

    लेकिन पोते ने किया सपना पूरा करने का प्रयास

    मुकेश का यह अधूरा सपना अब उनके पोते, अभिनेता-निर्माता नील नितिन मुकेश पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। News18 को दिए एक साक्षात्कार में नील ने बताया कि वे पिछले दो साल से अपने दादा मुकेश चंद माथुर की बायोपिक पर काम कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में उन्होंने पटकथा और शोध में योगदान दिया है। पारिवारिक अभिलेखों, तस्वीरों और कहानियों के आधार पर, नील मुकेश की रेलवे क्लर्क के बेटे से बॉलीवुड के प्रिय गायक बनने की प्रेरक यात्रा को पर्दे पर लाने की योजना बना रहे हैं। नील खुद मुकेश की भूमिका निभाना चाहते हैं और वर्तमान में निर्माता व फाइनेंसर की तलाश कर रहे हैं। इसके साथ ही, नील जियोहॉटस्टार की संगीत नाटक श्रृंखला है जुनून! ड्रीम. डेयर. डोमिनेट में जैकलीन फर्नांडीज के साथ नजर आ रहे हैं, जिसका प्रीमियर 16 मई 2025 को हुआ।

    लाखों श्रोता हैं उनके, लेकिन रेडियो की बात ही कुछ और…

    मुकेश की आवाज आज भी लाखों संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी है। आज भी लाखों श्रोता ऐसे हैं जो उन्हें रेडियों पर सुनना चाहते हैं उनके दर्द भरे गीत सुनकर लोग रो पड़ते हैं। वे एक ऐसा दौर बना गए जिसे मिटाना मुश्किल है। फिलहाल अब उनके बेटे नितिन मुकेश और पोते नील नितिन मुकेश ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। जो उनके गानों की धरोहर संजों कर रखे हुए है। वे मुकेश के गाने न केवल उनकी गायकी, बल्कि उनकी सादगी और भावनात्मक गहराई की कहानी कहते हैं, बल्कि स्टेज प्रोग्राम से उन्हें यादकर सुनते भी हैं। उनकी जयंती पर, हम उस गायक को याद करते हैं, जिसने अपनी आवाज से दर्द को अमर और प्रेम को जीवंत किया।

    Shagun

    Keep Reading

    Bollywood’s ‘Singham’ Ajay Devgn brings prestige to Haridwar International Ayurveda.

    बॉलीवुड के ‘सिंघम’ अजय देवगन ने बढ़ाया हरिद्वार इंटरनेशनल आयुर्वेद का गौरव

    The divine devotion of Chhath showcased on the big screen for the first time; Tamannaah Bhatia wins hearts in the song 'Chhathi Maiya' from the film 'The Vvaan'.

    बड़े पर्दे पर पहली बार दिखी छठ की अलौकिक आस्था, ‘द व्वान’ के गाने ‘छठी मैया’ में तमन्ना भाटिया ने जीता दिल

    'The Shape of Belonging': A documentary exploring new perspectives beyond ramps and lifts.

    ‘द शेप ऑफ बिलॉन्गिंग’: रैंप और लिफ्ट से आगे बढ़कर नई सोच तलाशती डॉक्यूमेंट्री

    Bhabhi Dayan Hai!': Teaser builds anticipation; set to hit theaters on the occasion of Dussehra, October 16, 2026.

    ‘भाभी डायन है!’: टीज़र ने बढ़ाई उत्सुकता; 16 अक्टूबर 2026 को दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में देगी दस्तक

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    A Scorpio on the roof! Thieves were stunned and the whole country had a laugh at this *jugaad* (ingenious hack) by a man from Gopalganj, Bihar.

    चोरों से बचाने को छत पर चढ़वा दी स्कॉर्पियो! इस बिहारी का जुगाड़ देखकर चोर भी हैरान, देश भी हंस पड़ा

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Bollywood’s ‘Singham’ Ajay Devgn brings prestige to Haridwar International Ayurveda.

    बॉलीवुड के ‘सिंघम’ अजय देवगन ने बढ़ाया हरिद्वार इंटरनेशनल आयुर्वेद का गौरव

    September 11, 2026
    New NIXI-APNIC Partnership to Strengthen Internet Security in India

    14 साल बाद भारत में लौटा APNIC सम्मेलन, NIXI के साथ नई साझेदारी से मजबूत होगी देश की इंटरनेट सुरक्षा

    September 11, 2026
    Prime PR honored as ‘Best PR Agency’ at the Quality Mark Awards 2026.

    प्राइम पीआर को क्वालिटी मार्क अवॉर्ड्स 2026 में मिला ‘बेस्ट पीआर एजेंसी’ का सम्मान

    September 11, 2026
    The divine devotion of Chhath showcased on the big screen for the first time; Tamannaah Bhatia wins hearts in the song 'Chhathi Maiya' from the film 'The Vvaan'.

    बड़े पर्दे पर पहली बार दिखी छठ की अलौकिक आस्था, ‘द व्वान’ के गाने ‘छठी मैया’ में तमन्ना भाटिया ने जीता दिल

    September 11, 2026
    'The Shape of Belonging': A documentary exploring new perspectives beyond ramps and lifts.

    ‘द शेप ऑफ बिलॉन्गिंग’: रैंप और लिफ्ट से आगे बढ़कर नई सोच तलाशती डॉक्यूमेंट्री

    September 11, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading