चेहरे पर सबसे अधिक समस्या फ्रैंकल्स (झुर्रियां) की है, फोन के कई लोगों के छूने से उसमें बहुत से जीवाणु चिपक जाते हैं ऐसे में फोन जब चेहरे के संपर्क में आता है तो ये जीवाणु त्वचा को संक्रमित कर देते हैं
नई दिल्ली, 10 जनवरी। आजकल युवाओं में मोबाइल को लेकर इतना क्रेज हो गया हैं कि वे दिन-रात मोबाइल फोन से चिपके रहने के आदि हो गए है। लेकिन युवाओं इसबात की जानकारी ही नहीं हैं कि मोबाइल पर चिपके रहने की उनकी आदत त्वचा व आंखों पर बुरा असर भी डाल रही है। त्वचा पर डिजिटल स्क्रीन का असर समय से पहले बुढ़ापा ला रहा है।
जी हां,मोबाइल स्क्रीन लाइट के प्रति चेहरे की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। इससे चेहरे पर झुर्रियां व आंखों के नीचे स्याह निशान आ जाता है पहले सिर्फ सूरज की रोशनी से ऐसी परेशानी होती थी,लेकिन अब मोबाइल स्क्रीन भी इसका कारण बन रही है। आज चेहरे पर सबसे अधिक समस्या फ्रैंकल्स (झुर्रियां) की है। फोन के कई लोगों के छूने से उसमें बहुत से जीवाणु चिपक जाते हैं। ऐसे में फोन जब चेहरे के संपर्क में आता है तो ये जीवाणु त्वचा को संक्रमित कर देते हैं।
फोन पर बात करने से वह गर्म हो जाता है। इस कान और गाल की त्वचा पर झुलसने के निशान पड़ सकते हैं। स्मार्टफोन की स्क्रीन में ब्लू लाइट भी होती है। हाई एनर्जी विजिबल लाइट कम दूरी होने पर तरंग के रूप में आंखों के उतकों को नुकसान पहुंचाती है।स्मार्टफोन की स्क्रीन से डिजिटल आइ स्ट्रेन (डिजिटल नेत्र तनाव) की समस्या पैदा हो रही है।मोबाइल स्क्रीन पर लगातार नजर गड़ाए रखने से नींद न आना,आंखों में तनाव की स्थिति, चेहरे की मांसपेशियां विकृत होने की समस्या होती है।







