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    Home»ब्लॉग

    हफ्ता वसूली से परेशान यूट्यूबर, क्या कोई नया स्टैंड लेगा यूट्यूब

    ShagunBy ShagunMay 26, 2025 ब्लॉग No Comments7 Mins Read
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    मोहक मंगल बनाम ANI कॉपीराइट स्ट्राइक विवाद, यूट्यूब कम्युनिटी का समर्थन और निष्पक्ष कंटेंट उपयोग का सवाल

    भारत के मशहूर यूट्यूबर मोहक मंगल, जिनके चैनल ‘सोच बाय मोहक मंगल’ पर 41.6 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, ने हाल ही में न्यूज़ एजेंसी एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मोहक का दावा है कि ANI ने उनके यूट्यूब चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक लगाकर उनके चैनल को बंद करने की धमकी दी और इसके बदले में 45-50 लाख रुपये की मांग की। इस विवाद ने न केवल यूट्यूब कम्युनिटी, बल्कि डिजिटल क्रिएटर्स और कॉपीराइट नीतियों पर व्यापक बहस छेड़ दी है। इस मामले में ध्रुव राठी, नीतीश राजपूत, कुणाल कामरा, ठगेश, सोनू शर्मा, श्याम रंगीला और ओपन लेटर्स जैसे बड़े यूट्यूबर्स ने मोहक के समर्थन में आवाज़ उठाई है। यह लेख इस विवाद के विभिन्न पहलुओं, इसके प्रभावों और निष्पक्ष उपयोग (फेयर यूज़) की अवधारणा पर प्रकाश डालता है।

    विवाद की शुरुआत
    मोहक मंगल ने 24 मई, 2025 को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो titled “Dear ANI” अपलोड किया, जिसमें उन्होंने ANI पर कॉपीराइट स्ट्राइक के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनके अनुसार, ANI ने उनके दो वीडियो पर स्ट्राइक लगाई:
    कोलकाता रेप केस पर वीडियो: इसमें 16 मिनट के वीडियो में ANI के केवल 11 सेकंड के फुटेज का उपयोग किया गया था।

    ऑपरेशन सिंदूर पर वीडियो: 38 मिनट के इस वीडियो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की 9 सेकंड की ANI क्लिप शामिल थी।

    मोहक का कहना है कि दोनों मामलों में फुटेज का उपयोग यूट्यूब की ‘फेयर यूज़’ नीति के तहत किया गया था, जो समाचार, टिप्पणी, और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए सीमित मात्रा में कॉपीराइट सामग्री के उपयोग की अनुमति देता है। इसके बावजूद, ANI ने स्ट्राइक लगाई और कथित तौर पर 45 लाख रुपये (प्लस GST) की मांग की, जिसमें स्ट्राइक हटाने और एक साल की ANI फुटेज सब्सक्रिप्शन की लागत शामिल थी। मोहक ने इसे “हफ्ता वसूली” और “एक्सटॉर्शन रैकेट” करार दिया।

    क्रिएटर्स के अनुभव
    मोहक ने अपने वीडियो में ANI के साथ हुई ईमेल और फोन कॉल की रिकॉर्डिंग्स साझा कीं, जिनमें ANI के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा, “आपने अभी दो स्ट्राइक लिए हैं, छह और लगने वाले हैं। चैनल डिलीट होने के बाद आप गिड़गिड़ाएंगे।” मोहक का दावा है कि ANI ने कुल आठ स्ट्राइक दाखिल की थीं, जिनमें से दो लागू हो चुकी थीं। यूट्यूब की नीति के अनुसार, तीन स्ट्राइक मिलने पर चैनल स्थायी रूप से डिलीट हो सकता है।

    1. मोहक ने यह भी खुलासा किया कि कई अन्य यूट्यूबर्स को भी ANI से इसी तरह की धमकियां मिली हैं। उदाहरण के लिए:
      एक यूट्यूबर ने 18 लाख रुपये (प्लस GST) का भुगतान किया।
    2. एक अन्य क्रिएटर से 15 से 50 लाख रुपये तक की मांग की गई।
    3. यूट्यूबर पौरुष शर्मा ने भी ANI से दो स्ट्राइक मिलने और पैसे मांगे जाने की बात सार्वजनिक की।

    यूट्यूब कम्युनिटी का समर्थन
    मोहक के इस खुलासे के बाद यूट्यूब कम्युनिटी ने एकजुट होकर उनका समर्थन किया। कई बड़े यूट्यूबर्स और प्रभावशाली लोग इस मामले में सामने आए:
    ध्रुव राठी: “मोहक को पूरा समर्थन। ऐसा लगता है कि ANI एक एक्सटॉर्शन रैकेट चला रही है। सभी क्रिएटर्स को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए।”

    नीतीश राजपूत: “यूट्यूब को ऐसे मामलों में क्रिएटर्स की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए।”

    कुणाल कामरा: “यूट्यूब इंडिया को ANI को प्लेटफॉर्म से बैन करना चाहिए।”

    ठगेश (महेश केशवाला): “मेरे चैनल को भी 2 सेकंड के क्लिप के लिए 15 लाख रुपये मांगे गए।”

    सोनू शर्मा, श्याम रंगीला, और ओपन लेटर्स: इन क्रिएटर्स ने भी सोशल मीडिया पर मोहक का समर्थन किया।

    मोहम्मद ज़ुबैर (फैक्ट-चेकर): “ANI यूट्यूबर्स से पैसे निचोड़ रही है, जबकि यूट्यूब की नीतियां क्रिएटर्स पर तलवार लटकाती हैं।”

    सोशल मीडिया पर #StandWithMohakMangal ट्रेंड करने लगा, और कई यूज़र्स ने ANI के यूट्यूब चैनल को रिपोर्ट करने की अपील की।

    कॉपीराइट और फेयर यूज़ का कानूनी पहलू
    मोहक का तर्क है कि उनके वीडियो में ANI के फुटेज का उपयोग ‘फेयर यूज़’ के दायरे में आता है, क्योंकि यह समाचार विश्लेषण और टिप्पणी के लिए था। भारतीय कॉपीराइट कानून (1957) की धारा 52 के तहत, समाचार, समीक्षा, या शैक्षिक उद्देश्यों के लिए सीमित सामग्री का उपयोग जायज़ माना जाता है। हालांकि, ANI ने यूट्यूब के कॉपीराइट स्ट्राइक टूल का उपयोग किया, जो क्रिएटर्स के लिए तुरंत दंडात्मक हो सकता है।

    कई विशेषज्ञों का मानना है कि ANI का यह व्यवहार कॉपीराइट उल्लंघन से अधिक ‘एक्सटॉर्शन’ (उगाही) की श्रेणी में आता है। कुछ का कहना है कि अगर यह मामला कोर्ट में जाता है, तो ANI को कॉपीराइट केस जीतने की संभावना हो सकती है, लेकिन उगाही के आरोपों में वे कमज़ोर पड़ सकते हैं।

    मोहक की अपील और सरकारी हस्तक्षेप
    मोहक ने इस मामले को सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर उठाया है। उन्होंने मंत्रालय से ANI की प्रथाओं की जांच करने और क्रिएटर्स के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने अन्य यूट्यूबर्स से भी ANI के साथ अपने अनुभव, जैसे ईमेल और कॉल रिकॉर्ड, साझा करने का आह्वान किया है।

    विवाद बड़े खतरे का संकेत

    क्रिएटर्स पर प्रभाव: यह विवाद डिजिटल क्रिएटर्स के लिए एक बड़े खतरे का संकेत है। अगर बड़ी न्यूज़ एजेंसियां कॉपीराइट स्ट्राइक का दुरुपयोग करके क्रिएटर्स से मोटी रकम वसूल सकती हैं, तो यह स्वतंत्र पत्रकारिता और सामग्री निर्माण को दबाने का हथियार बन सकता है।

    फेयर यूज़ नीति पर सवाल: इस मामले ने यूट्यूब की कॉपीराइट नीतियों की अस्पष्टता को उजागर किया है। कई यूज़र्स का मानना है कि यूट्यूब को फेयर यूज़ के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश देने चाहिए।

    यूट्यूब कम्युनिटी की एकता: मोहक के समर्थन में एकजुट हुई यूट्यूब कम्युनिटी ने दिखाया कि क्रिएटर्स अब इस तरह के दबाव के खिलाफ खुलकर बोलने को तैयार हैं। यह एकता भविष्य में ऐसी प्रथाओं के खिलाफ मज़बूत प्रतिरोध बना सकती है।

    ANI और यूट्यूब की चुप्पी
    इस मामले में न तो ANI ने और न ही यूट्यूब इंडिया ने कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। यह चुप्पी विवाद को और हवा दे रही है, क्योंकि यूज़र्स और क्रिएटर्स यूट्यूब से इस मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं।

    मोहक मंगल बनाम ANI विवाद ने भारत में डिजिटल क्रिएटर्स के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। यह मामला न केवल कॉपीराइट कानूनों और फेयर यूज़ की बहस को सामने लाता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि क्या बड़ी न्यूज़ एजेंसियां अपनी ताकत का दुरुपयोग करके स्वतंत्र आवाज़ों को दबाने की कोशिश कर रही हैं। मोहक के समर्थन में खड़ी यूट्यूब कम्युनिटी और सोशल मीडिया पर उठ रही आवाज़ें दिखाती हैं कि यह लड़ाई अब केवल एक यूट्यूबर की नहीं, बल्कि पूरे डिजिटल क्रिएटर समुदाय की है। इस मामले का नतीजा न केवल मोहक मंगल के चैनल के भविष्य को तय करेगा, बल्कि भारत में डिजिटल कॉन्टेंट क्रिएशन के भविष्य को भी प्रभावित कर सकता है।

    आप क्या कर सकते हैं?

    • मोहक के वीडियो को देखें और शेयर करें ताकि इस मुद्दे को अधिक लोग जान सकें।
    • अगर आप एक क्रिएटर हैं और किसी अन्य एजेंसी से इसी तरह की धमकी मिली है, तो अपने अनुभव साझा करें।
    • सोशल मीडिया पर #StandWithMohakMangal का उपयोग करके इस मुद्दे को और वायरल करें।
    • यूट्यूब और सूचना मंत्रालय से इस मामले की जांच की मांग करें।

    क्या बोलें सपोर्टर :

    1. उमेश बिहारी : सत्ता के दबाव से आवाज़ें नहीं दबेंगी , पूरी यूट्यूब कम्युनिटी एकजुट है, मोहक मंगल अकेले नहीं हैं।
    2. दिलीप : यूट्यूब और केंद्र सरकार ही यह लुट खसोट बंद करने में सक्षम है।
    3. नंदू मौर्या : ये बहुत जरूरी है , ये एक तरीके से डिजिटल एक्सटोसंन है और इस पर कार्यवाही होनी चाहिए वो भी कड़ी। किसी वीडियो के लिए रेवेन्यू लेना अलग बात है और इस तरीके से पैसे मांगने एक्सटोषण है।
    4. चंचल मिश्रा : ANI ने स्ट्राइक क्यों मारा ये भी तो बताओ स्ट्राइक मारने का नियम क्या है ये भी तो बता दो आधी अधूरी खबर फैलाते हो।
    5. दीपक : अब न्यूज एंकर vs youtuber होगा। न्यूज एंकर का सपोर्ट सरकार कर रही हैं , Youtuber का सपोर्ट जनता करेगा।

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