लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के महेवागंज कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी। गोलदार हॉस्पिटल में कथित लापरवाही और पैसे की उगाही के कारण एक नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए पिता विपिन गुप्ता अपने मृत बच्चे का शव झोले में लेकर डीएम और एसपी कार्यालय पहुंचे। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी।
विपिन गुप्ता, जो भीरा थाना क्षेत्र के नौसर जोगी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि 21 अगस्त की रात उनकी पत्नी रूबी को प्रसव पीड़ा होने पर पहले बिजुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद आशा बहू दीपा की सलाह पर रूबी को गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। विपिन का आरोप है कि अस्पताल ने सामान्य प्रसव के लिए 10 हजार और ऑपरेशन के लिए 12 हजार रुपये मांगे। बाद में प्रसव की स्थिति बिगड़ने पर 25 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे पूरे न होने पर अस्पताल ने इलाज में देरी की, जिसके कारण गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि गलत दवाइयां और लापरवाही के चलते रूबी की हालत भी बिगड़ गई। बाद में उसे सृजन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के जरिए मृत शिशु को निकाला गया। रूबी का इलाज अभी भी जारी है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
प्रशासन का त्वरित एक्शन:
घटना की जानकारी मिलते ही डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता और एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह ने अस्पताल पहुंचकर जांच की। गोलदार हॉस्पिटल को नियमों के उल्लंघन और गंभीर लापरवाही का दोषी पाए जाने पर सील कर दिया गया। वहां भर्ती अन्य मरीजों को जिला महिला अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। आशा बहू दीपा को भी नोटिस जारी किया गया है।
सोशल मीडिया पर यूजर विकास सचान ने इस घटना को हृदयविदारक बताया और कहा, “जहां लोग डॉक्टरों को भगवान मानते हैं, वहां ऐसी लापरवाही मन को दुखी करती है।” इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
जांच जारी: प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। डीएम ने रूबी के इलाज का खर्च वहन करने का निर्देश दिया है। डिप्टी सीएम ने कहा, “किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” यह मामला न केवल गोलदार हॉस्पिटल की लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को भी मजबूत करता है।






