मंदिर, घाट, कुएं और अन्नसत्रों की महान निर्माता अहिल्याबाई को बुलंदशहर में किया गया नमन
लखनऊ/बुलंदशहर। लोक राजमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। अहिल्याबाई को भारत की उन महान महिलाओं में गिना जाता है जिन्होंने सिर्फ अपने राज्य की नहीं, पूरे देश के तीर्थों और जनकल्याण की दिशा में अमिट छाप छोड़ी।
अहिल्याबाई का गौरवशाली योगदान
राजमाता अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासनकाल में देश भर के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों पर मंदिर बनवाए, घाट बंधवाए, कुएं-बावड़ियां खुदवाईं और यात्रा मार्ग बनवाए। काशी विश्वनाथ मंदिर में शिवलिंग की स्थापना उन्हीं की देन है। भूखों के लिए अन्नसत्र चलवाए गए और प्यासों के लिए प्याऊ लगाए गए। मंदिरों में विद्वानों की नियुक्ति कर शास्त्रों के अध्ययन, चिंतन और प्रवचन की परंपरा को भी उन्होंने मजबूत किया। उनकी दूरदर्शी सोच आज भी जनकल्याण की मिसाल बनी हुई है।
कार्यक्रम का आयोजन
अहिल्याबाई होलकर जयंती के अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष बुलंदशहर मतलूब अली की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव कृष्ण पाल सिंह यादव ने किया। कार्यकर्ताओं ने राजमाता की प्रतिमा या चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति :
गोष्ठी में सपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- मुजाहिद अंसारी (वरिष्ठ नेता)
- हाजी अख्तर अली (प्रदेश उपाध्यक्ष, समाजवादी मजदूर सभा)
- चौधरी चन्द्रपाल सिंह (प्रदेश सचिव, पिछड़ा वर्ग)
- चौधरी विधा सिंह
- राजू अल्वी (राष्ट्रीय सचिव)
- जाकिर बबलू (विधानसभा अध्यक्ष)
- मुख्तार अहमद काशिम (प्रधान)
- तनवीर खान
- समशाद खान (ब्लॉक अध्यक्ष, बुलंदशहर)
- विनीत राणा (जिला सचिव)
- अमित त्यागी (राष्ट्रीय सचिव, छात्र सभा)
- तिलक चन्द लोधी (जिला उपाध्यक्ष, शिक्षक सभा)
कार्यक्रम में सभी ने अहिल्याबाई होलकर के सामाजिक, धार्मिक और कल्याणकारी कार्यों की चर्चा की और कहा कि उनकी विरासत आज भी प्रासंगिक है। बता दें कि यह आयोजन केवल जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और लोककल्याण की प्रेरणा देने वाला साबित हुआ।







