पाकिस्तान में सत्तारूढ़ इमरान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जमानत अवधि को बढ़ाने से इनकार करते हुए उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है। सरकार ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर यह फैसला किया है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रधानमंत्री की सूचना प्रसारण मामलों की सलाहकार फिरदौस आशिक अवान ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा, ‘नवाज शरीफ लंदन के किसी भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं कर सके। इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने उनके द्वारा भेजे गए मेडिकल सर्टिफिकेट को खारिज कर दिया और सरकार ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है। अब कानून के हिसाब से नवाज शरीफ एक भगोड़े हैं और अगर वह देश नहीं लौटे तो उन्हें घोषित अपराधी करार दे दिया जाएगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार अवान ने यह नहीं साफ किया कि शरीफ को कैसे कानूनन एक भगोड़ा घोषित किया जाएगा। लेकिन, यह माना जा रहा है कि पंजाब प्रांत की सरकार इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इस बारे में अर्जी लगाएगी कि अदालत तय करे कि उन्हें भगोड़ा या घोषित अपराधी करार दिया जाए या नहीं। गौरतलब है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के मामलों में जेल में बंद थे।







