नई दिल्ली, 16 जनवरी। ईपीएफ के पेंशनधारियों तथा ईपीएफ के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने ईपीएफ पेंशन रिवीजन हाई पावर कमेटी गठित की है। केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। इससे ईपीएफ पेंशनर्स और उसके अंश दाताओं को फायदा मिलेगा।
श्रम मंत्रालय द्वारा हीरालाल सामरिया एडीशनल सेकेटरी को चेयरमैन बनाया है। वही डॉक्टर वी.पी.जाय, सीपीएससी ईपीएफओ आर.के.गुप्ता जॉइंट सेक्रेटरी, रवि विग, एंप्लाइज एसोसिएशन के सदस्य, बृजेश उपाध्याय इत्यादि को हाई पावर कमेटी में शामिल किया गया है।
यह कमेटी श्रम मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस कमेटी को ईपीएफ के पेंशनधारियों तथा कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाएं न्यूनतम पेंशन 1 सितंबर 2014 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन बढ़ने का लाभ मिल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि ईपीएफ में 17.14 करोड़ अंशदाता है। 59 लाख पेंशनर्स पेंशन का लाभ ले रहे हैं। अभी तक सितंबर 2014 में निर्धारित न्यूनतम पेंशन 1000 और अधिकतम पेंशन 2500 रुपया मिल रही है। यह हाई पावर कमेटी अब इसके रिवीजन के लिए कार्य करेगी, और इसकी रिपोर्ट श्रम मंत्रालय को सौपेगी।
11 दिसंबर 2015 को केरल के सांसद एनके प्रेमचंद्र ने लोकसभा में निजी बिल के माध्यम से ईपीएफ पेंशन और स्वास्थ्य सेवा को लेकर बिल पेश किया था इस पर संसद में लगभग 9 घंटे बहस भी हुई थी। इसमें 26 सांसदों ने भाग लिया था। सांसद ने न्यूनतम पेंशन 3000 रुपये किए जाने की मांग की थी। उसके बाद ही केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने हाई पावर कमेटी बनाकर पेंशन और सुविधाओं को लेकर पुनरीक्षण की बात कही थी।







