लखनऊ, 11 मार्च 2019: अक्सर आपको सड़क के किनारे या बीच सड़क पर खुले मेनहोल मिल जाते हैं जिसमें लोग गिरकर या तो मौत के मुँह में समां जाते हैं या घायल हो जाते हैं, अधिकतर ऐसे मामले में प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आती हैं। लोग कहते हैं हमने कम्पलेन कई बार की लेकिन हुआ कुछ नहीं, हालत ये हो जाते हैं कि ज़िम्मेदार लोग उस खुले मेनहोल को देखने तक नहीं आते! अब ऐसे में दुर्घटना हो जाएं तो किसकी ज़िम्मेदारी होगी?

नगर आयुक्त से कई बार शिकायत करने पर भी नहीं हुई कारवाई:
राकेश सिंह पेशे से टीचर हैं लेकिन वह एक ज़िम्मेदार सामाजिक नागरिक की भी भूमिका निभाते हैं एक दिन उन्होंने लखनऊ की दुब्बगा सड़क से जाते हुए भालचंद्र इंस्टिट्यूट के सामने एक खुला मेनहोल देखा, जिसकी शिकायत उन्होंने सम्बंधित ज़िम्मेदार अधिकारी से की लेकिन उनकी शिकायत को किसी ने संज्ञान में नहीं लिया, इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत नगर आयुक्त के व्हाट्सप्प पर फोटो भेजकर की, उन्होंने इसकी एजेक्ट लोकेशन मांगी, जो उन्होंने साक्ष्य के साथ उन्हें भेज दी, राकेश सिंह का कहना हैं कि एक महीना बीतने के बाद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुयी हैं और वह मेनहोल वैसे का वैसे ही खुला पड़ा हैं।

एक और दुर्घटना के इन्तजार में खुला मेनहोल:
यह फोटो गैस कंपनी, लखनऊ के ऐशबाग स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पास की है जहां मेन सड़क पर ओवर ब्रिज बनने का काम हो रहा हैं इस बीच सारा ट्रैफिक इसी सड़क से डाइवर्ट होकर जाता हैं और इसी सड़क पर लगभग एक महीने से टूटा यह मेन होल दुर्घटना को दावत दे रहा हैं जिसमें अक्सर रात या दिन में लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। इस बारे में यहाँ के निवासियों ने कई बार सम्बंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं हुयी, यहाँ के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि यहाँ की पार्षद से भी इसकी शिकायत की गयी, शिकायत करने पर उन्होंने आकर इस समस्या को देखा भी लेकिन अभी तक मेनहोल ठीक नहीं हुआ?







