
श्री गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्रि परमरागत श्रद्गा भाव से मनाया गया। नाथ सम्प्रदाय की परंपरा के अनुसार विधि विधान नौ दिन तक उपासना का क्रम चला। अष्टमी पर प्रातः काल माँ कालरात्रि एवं सांय काल अष्टमी हवन एवं महानिशा पूजन किया गया।

पूजन के उपरान्त श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ वैदिक मंत्रों के साथ हुआ। इस आयोजन में पीठाधीश्वर श्री महंत योगी आदित्यनाथ ने भी हवन, पूजन किया।
महिषासुर मर्दनी
मातृ रूप शक्ति रूप
दिव्य रूप जननी
दीनन पर दया करो
महिषासुरमर्दनी।
भटक रहे निराधार
आशंकित मन विचार
सम्बल कोई मिले
नैया तब लगे पार।
व्यथित जन की पुकार
करुणा से तार तार
विनती है बार बार
कृपा पूर्ण नवमी
महिषासुर मर्दनी।।
– डॉ दिलीप अग्निहोत्री







