- जागरूक जनता ने जलाया देश का रावण: और सोशल मीडिया पर कहा कि हर दशहरा ऐसे ही रावण अर्थात आसाराम, रामरहीम और सेंगर, चिन्मयानंद आदि जैसे बलात्कारियों के पुतले ही जलाना चाहिए।

- ठंडे दिमाग से शांति के साथ पढ़े
राजा दशरथ ने कैकयी का कहना माना चाहे प्राण त्यागना पड़ा, लेकिन आज पूजे जाते है …
राम ने सीता का कहना माना और हिरण के पीछे चल दिये (फिर चाहे रावण से भिड़ना पड़ा ) ओर आज पूजे जाते है..
लेकिन रावण ने मन्दोदरी का कहना नही माना और मारा गया, और आज जलाया जाता है
इसलिए दशहरा का अर्थ समझे
व बगैर अपना दिमाग लगाये, सीधे सीधे पत्नी का कहना माने ।
आगे आपकी मर्जी

- गाँव की आँख से बस्ती की नज़र से देखा एक ही रंग है दुनिया को जिधर से देखा-असद बदायुनी
Know your enemy! Defeat the asli Ravan! Defeat the fake propaganda of the Godi Media.







