भीषण ठंड में भी खुलें आसमान में सोने को मजबूर!

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…लेकिन इन्हे नहीं नसीब हुआ रैन बसेरा!

लखनऊ,11 जनवरी। कुछ गरीब ऐसे भी है जो किसी से अपनी बात भी नहीं कह पाते चाहे उन्हें कितनी ही तकलीफे झेलनी पड़ जाए, इस कंपाती ठण्ड में लोग इन्हे देखते है और अरे कह कर निकल जाते है लेकिन जिन्हे दया आती है वह उन्हें कपडे भी दे जाते है। ऐशबाग जक्शन के ओवर ब्रिज के पास बनी रेलवे कॉलोनी के पास झाड़ियों में लगातार पांच महीने से यह बाबा यूही खुले आसमान के नीचे पड़े रहते है उस दरम्यान तबियत खराब होने की वजह से वह यहाँ मरणासन अवस्था में थे कई दिनों तक ऐसे ही पड़े रहे। लोगो के सहयोग से कुछ स्वस्थ हुए लेकिन ठिकाना यही बन गया आज जब इतनी ठण्ड और शीतलहर है लेकिन उन्हें रैन बसेरा अब भी मयस्सर नहीं है !

रैनबसेरा की कमी के कारण बेघर लोग भीषण ठंड में भी खुलें में सोने को मजबूर

ये तस्वीर बाराबिरवा पुलिस चौकी, थाना कृष्णनगर,राजधानी लखनऊ की है ठंड की वजह से पुलिस चौकी में ताला और बेघर मजदूर चौकी के बाहर है सोया। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में रैनबसेरा की कमी के कारण बेघर लोग भीषण ठंड में भी खुलें में सोने को मजबूर है।

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