सोलर पॉवर की दरें 5.50 की बजाए 7.02 प्रति यूनिट तय, मचा हंगामा, CBI जांच की मांग

0
460

नियामक आयोग व UPPCL पर आपसी सांठगांठ कर महंगी बिजली दर घोषित करने का आरोप

नियाामक आयोग और पॉवर कार्पोरेशन के दबाव में निजी घरानों के हाई प्रोफाइल सोलर पॉवर प्लाण्टों की उच्च दरों पर जारी किया गया आदेश पर मचा हंगामा, उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री महोदय से पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करने की उठाई मांग 

पॉवर कारपोरेशन व नेडा ने संयुक्त रूप से दाखिल याचिका को आयोग द्वारा वर्तमान में लग चुके 9 सोलर पॉवर प्लाण्टों की दरों को रू0 7.02 प्रति यूनिट किया गया तय वहीं वर्तमान में पूरे देश में सोलर की दरें रू0 4 से 5 प्रति यून्टि के बीच

याचिका में आपत्तिकर्ता उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग अध्यक्ष से मिलकर दर्ज कराया अपना विरोध कहा यह फैसला पूरी तरह उपभोक्ता विरोधी

एक तरफ पॉवर कारपोरेशन रू0 5.50 प्रति यूनिट से ऊपर के रिनेविल की महंगी बिजली के एग्रीमण्ट कर रहा कैन्सिल फिर आयोग से रू0 7.02 प्रति यूनिट की महंगी बिजली क्यों करा रहा अनुमोदित

नियामक आयेाग नेे 15 दिन पहले ही नेडा सोलर की दरें तय की थी रू0 5.28 प्रति यूनिट ऐसे में रू0 7.02 प्रति यूनिट किस प्रकार उचित।  

लखनऊ 22 नवंबर। उप्र पावर कार्पोरेशन व नेडा द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल हाई प्रोफाइल सोलर पावर बिडिंग रूट की कुल 15 निजी घरानों की इकाइयों 215 मेगावाट क्षमता के एडाप्सन आफ टैरिफ सम्बन्धी याचिका पर उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज अपना फैसला सुना दिया गया सोलर पावर बिडिंग रूट की 9 निजी घरानों की कुल 135 मेगावाट की मेसर्स एस एल इन्फ्रा, सुराना टेलीकाम, फेरोमर शिपिंग, लोहिया, सुखबीर एग्रो की तीन अलग अलग इकाईयों, एनपी एग्रो व श्री राधे राधे जिनके पावर हाउस स्थापित हो गये हैं उनकी दरों को आयोग द्वारा रू0 7.02 प्रति यूनिट तय कर दिया गया है। जिसको लेकर एक बार फिर बड़ा बवाल मच गया है।
उपभोक्ता परिषद ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है उपभोक्ता परिषद जो याचिका में आपत्तिकर्ता है ने फैसला आने के बाद नियामक आयोग व पावर कार्पोरेशन पर आपसी सांठगांठ कर महंगी बिजली दर घोषित करने का आरोप भी लगाया है उपभोक्ता परिषद ने कहा एक तरफ पावर कापोरेशन रिनिवेल एनर्जी की रू. 5.50 प्रति यूनिट से ऊपर की बिजली को महंगी बताकर उनकी एग्रीमेन्ट कैन्सिल कर रहा है और दूसनी तरफ नियामक आयोग पर दबाव डालकर रू0 7.02 प्रति यूनिट की महंगी बिजली सोलर की तय करा रहा है जबकि वर्तमान में देश में सोलर की दरें रू0 4 से रू0 5 प्रति यूनिट के बीच आ गयी है। आज इस पूरे मामले पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एसके अग्रवाल से मिलकर अपना विरोध दर्ज करा दिया है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि 22 फरवरी 2017 को नियामक आयोग पूर्व अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा व वर्तमान अध्यक्ष व सदस्य श्री एसके अग्रवाल ने इसी याचिका को नेडा और पावर कार्पोरेशन को वापस करते हुए कहा था कि सोलर पावर की दरें बहुत ज्यादा हैं इस पर नेडा व पावर कार्पोरेशन पुनः विचार कर आयोग के सामने प्रस्तुत करे जिसमें वर्तमान मार्केट में सोलर की दर को भी संज्ञान लिया जाय। जिसपर नेडा पावर कार्पोरेशन व ऊर्जा विभाग ने बिना कोई गम्भीर परीक्षण किये निविदा में एल0-1 रू0 7.02 प्रति यूनिट को आधार बनाकर पूनः आयोग के सामने पेस कर दिया जिस पर उपभोक्ता परिषद द्वारा कडी आपत्ति करते हुए यह मुद्दा उठाया गया था कि पूरे देश में पीपीए की अवधि 25 वर्ष के आधार पर प्राविधानित है ऐसे में उप्र में पूर्व सरकार द्वारा 12 वर्ष पीपीए की अवधि निजी घरानों को फायदा पहुचाने के लिये की गयी है इसके आधार पर अविलम्ब याचिका को खारिज किया जाय। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 63 के तहत बिडिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं है ऐसे में आयोग के पास याचिका को खरिज करने का पूरा आधार था वास्तव में यदि फैसला देना जरूरी था तो दरें निजी घरानों से और कम कराई जा सकती थी। जैसा पूर्व में आयोग द्वारा याचिका को वापस करते हुए अपना मनतव्य आदेश मे दिया गया था।
उपभोक्ता परिषद ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि नियामक आयोग द्वारा ही 15 दिन पहले सरकारी क्षेत्र में लग रहे नेडा के सोलर पावर के 2 प्लान्टों की दरें रू0 5.28 प्रति यूनिट तय किया है ऐसे में अब नियामक आयोग द्वारा बिना पूरे मामले पर गम्भीरता से विचार किये पावर कार्पोरेशन के दबाव में आकर किस आधार पर निजी घरानों के सोलर पावर प्लान्टों की दरें रू0 7.02 प्रति यूनिट तय कर दी गई हैं जब की पूर्व में आयोग की दो सदस्यीय पीठ द्वारा मार्केट में सोलर की दरों पर विचार कर याचिका लाने को कहा गया था विगत 25 अक्टूबर 2017 इस मामले पर आयोग में सार्वजनिक सुनवाई हुई थी तो उपभोक्ता परिषद द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था कि विगत दिनों राजस्थान में सोलर पावर पार्क 500 मेगावाट की दरें रू0 2.44 प्रति यूनिट आई हैं ऐसे में उप्र में सोलर पावर प्लान्टों की दरें वर्ष 2016-17 के आधार पर तय की जायें तो रू0 4 प्रति यूनिट से 5 प्रति यूनिट आना तय है। 12 वर्ष के पीपीए पर निजी घरानों को फायदा होना तय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here