यदि आचार संहिता के बीच जारी हुआ बिजली बढोत्तरी का प्रस्ताव, तो उसका होगा हर स्तर पर विरोध
लखनऊ स्थित गोमती नगर में पूरे देश के उपभोक्ता संगठनों की आयोजित कार्यशाला में नियामक आयोग अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं की सहभागिता पर दिया जोर
लखनऊ 27 नवंबर। कट्स इन्टरनेशनल एवं शक्ति फाउन्डेशन के तत्वाधान में आज लखनऊ स्थित एक होटल हयात में पूरे देश के बिजली क्षेत्र में कार्यरत उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधियों का एक जमावाडा लगा जिसमें नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल, सचिव श्री संजय श्रीवास्तव सहित कटस इन्टरनेशनल के एक्ज्यूकेटिव डिप्टी डायरेक्टर उदय मेहता, राजस्थान, दिशा अग्रवाल प्रोगा्रम एसोसिएटस, शक्ति फाउन्डेशनल दिल्ली, अश्विनी सवैन, के मोहन विष्णू राव, सिटीजन कन्ज्यूमर गु्रप, तमिलनाडु, अश्विनी चिटनी, रिसर्च फेलो प्रयास महाराष्ट्र, जार्ज चेरियन डायरेक्टर कटस राजस्थान, कनिका बलानी, वरिष्ठ रिसर्च एसोसिएटस कटस सहित प्रदेश के अनेकों विद्युत उपभोक्ता संगठनों ने भाग लिया।
सुबह 10 बजे से शुरू हुयी उपभोक्ता कार्यशाला 3 चरणों में शाम 5 बजे तक चलती रही। नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपभोक्ताओं को हर पालिसी मैटर में केन्द्र से लेकर नियामक आयोग में अपना उचित सहभागिता कर उपभोक्ता हित में कानून बनवाना चाहिये। नियामक आयोग उउप्र के उपभोक्ताओं का हमेशा सहयोग करता है।
कार्यशाला में भाग लेते हुए उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल का स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि पिछले सालों पर नजर डालें तो प्रदेश का विद्युत नियामक आयोग वर्तमान में जिस प्रकार से उप्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है उससे उपभोक्ता हितों में पारदर्शी निर्णय नही हो पा रहे हैं। जिस प्रकार से उप्र पावर कारपारेशन के दबाव में चुनाव व आचार संहिता के बीच नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल द्वारा 30 नवम्बर को प्रदेश की बिजली दरों में बढोत्तरी का षडयऩ्त्र किया जा रहा है जबकि 1 नवम्बर चुनाव परिणाम की गिनती के बाद खत्म होती है आचार संहिता। वह उप्र सरकार के लिये गंभीर मामला है। उपभोक्ता परिषद ने कार्यशाला में उपस्थित देश व प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं का आहवान करते हुए कहा कि यदि मनमाने तरीके से बिजली दरों में वृद्धि की गयी तो करारा जवाब दिया जायेगा। जिस पर सभी उपभोक्ता संगठनों ने उपभोक्ता परिषद की बात पर सहमति व्यक्त की।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने पूरे देश में थर्ड पार्टी बिजली का कनेक्शन दिये जाने सभी वेबसाइट पर बिलिंग कैलकुलेटर स्थापित करने जिससे उपभोक्ता स्वतः अपना टैरिफ के अनुसार बिल देख सके उपभोक्ताओं के भार के मुताबिक सिस्टम का लोड सही करने सहित अनेकों बिन्दुओं पर अपनी बात रखते हुए कन्ज्यूमर एडवोकेसी की निचले स्तर तक पहुचने की वकालत की। प्रदेश में मुआवजा क्लाज लागू न होने पर भी हुयी चर्चा।
नियामक आयोग के सचिव श्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने उपभोक्ताओं के सवालों का जवाब देते हुए भविष्य में बिजली चोरी पर अंकुश लगने ट्रस्ट बिलिंग की व्यवस्था सुचारू रूप से लागू करने, आईटी एनेबिल सिस्टम को हर डिस्काम पर स्थापित करने पर जोर दिया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से कन्ज्यूमर गिल्ड के अभिषेक श्रीवास्तव, शशिभूषण मिश्रा, पदम मिश्रा, रमाशंकर अवस्थी, एम डी एनर्जी मन्त्रा, लबीतिखा, अरूण कुमार मिश्रा सहित मध्याॅंचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक श्री एस के झा सहित अनेकों उपभोक्ता प्रतिनिधि उपस्थित थे।







