मंहगी बिजली के खिलाफ पूरे प्रदेश में किसान व ग्रामीण उपभोक्ता आन्दोलित

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  • उपभोक्ता परिषद ने व्यापक आन्दोलन का किया ऐलान आज से उपभोक्ता परिषद ने शुरू किया ‘‘उपभोक्ता आपके द्वार‘‘
  • बिजली दर बृद्धि के खिलाफ उपभोक्ता परिषद के तत्वाधान में आज मा0 काशीराम पारा कालोनी में शहरी गरीब उपभोक्ताओं की लगी पंचायत पावर कारपोरेशन व आयोग के खिलाफ  फूटा गरीब उपभोक्ताओं का गुस्सा
  • हवाई अड्डा बनाने वालों को 30 हजार यूनिट तक रू0 4 की सब्सिडी फिर गरीब व किसानों व आम जनता ने क्या किया जुल्म जिनकी दरों में की गई व्यापक बढ़ोत्तरी
लखनऊ 05 दिसम्बर। उप्र पावर कार्पोरेशन के दबाव में विद्युत नियामक आयोग द्वारा ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में लगभग 67 से 150 प्रतिशत की वृद्धि किसानों की 50 प्रतिशत व ग्रामीण दुकानदारों की 67 प्रतिशत के खिलाफ जहाॅ पूरे प्रदेश में लगातार आन्दोलन हो रहे आज किसान यूनियन द्वारा सभी जिला मुख्यालयों पर बिजली दर बृद्धि के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया, वहीं दूसरी ओर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने व्यापक आन्दोलन का ऐलान करते हुये ‘‘उपभोक्ता आपके द्वार‘‘ अभियान की शुरूआत कर दी है जिसके तहत उपभोक्ता परिषद बीपीएल उपभोक्ताओं के द्वार, आम घरेलू उपभोक्ता के द्वार ग्रामीण उपभोक्ताओं के द्वार, किसान उपभोक्ता के द्वार व ग्रामीण दुकानदार उपभोक्ता के द्वार अभियान चलायेगा और उपभोक्ता परिषद उनके बीच जाकर बिजली दर बढ़ोत्तरी पर पंचायत करेगा।
उसी क्रम में आज उपभोक्ता परिषद ने बीपीएल(लाइफ लाइन) उपभोक्ताओं की व्यथा सुनने के लिये लखनऊ स्थित पारा मा. काशीराम गरीब आवासीय कालोनी में दोपहर 12 बजे गरीब उपभोक्ताओं की एक पंचायत आयोजित कर उनकी व्यथा सुनी, जहाॅ लगभग 99 प्रतिशत शहरी उपभोक्ता बीपीएल श्रेणी वाले है। सभी गरीब शहरी उपभोक्ताओं ने एक सुर में 1 किलोवाट 150 यूनिट स्लैब को घटाकर 100 यूनिट पर किये जाने पर अपना कड़ा विरोध दर्ज किया और नियामक आयोग व पावर कारपोरेशन पर अपना गुस्सा निकाला और मुख्यमंत्री जी से बृद्धि वापस लेकर स्लैब को बढ़ाने की माॅग दोहराई। पूरे प्रदेश से सामाजिक संगठन किसान यूनियन व शहरों में कार्यरत जन कल्याण समितियों का लगातार उपभोक्ता परिषद को समर्थन मिल रहा है और सभी लोग पंचायत अपने क्षेत्र में करने की माॅग कर रहे है।
गरीब उपभोक्ताओं की पंचायत को सम्बोधित करते हुये उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि एक तरफ नगर विमानन प्रोत्साहन नीति 2017 के तहत हवाई अड्डा लगाने वालों को 30 हजार यूनिट तक रू0 4 प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर व्यापक बृद्धि करने के साथ स्लैब में कटौती हो रही है यह कैसी आम जन विरोधी नीति है कि गरीब उपभोक्ताओं के स्लैब को 100 यूनिट पर सीमित कर दिया गया है। अभी 1 किलोवाट 150 यूनिट पर शहरी उपभोक्ताओं को रू0 540 का भुगतान करना पड़ता था अब अगर उपभोक्ता 150 यूनिट खर्च करेगा तो उसे रू0 835 देना होगा, जो पूरी तरह गलत है। गरीब शहरी बीपीएल उपभोक्ता बिना टुल्लू पम्प के पानी नहीं पाता उसका शादी विवाह सब घर में ही होता है वह 100 यूनिट में अपना कैसे गुजर बसर कर पायेगा। दुंर्भाग्य की बात यह है कि 101 यूनिट होते ही उसकी बीपीएल(लाइफ लाइन) सुविधा खत्म हो जायेगी। उपभोक्ता परिषद ने सभी उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया और सभी को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आवाहन किया।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जहाॅ एक तरफ उपभोक्ता परिषद नियामक आयोग में अपनी संवैधानिक लड़ाई जारी रखेगा। वहीं पूरे प्रदेश में उपभोक्ता आपके द्वार के तहत उपभोक्ताओं के घर जाकर उन्हें जागरूक कर लड़ाई के लिये तैयार करेगा। अब वह दिन चला गया जब उपभोक्ताओं के अधिकार को छीनकर बिजली कम्पनियाॅ अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल रही है।
उपभोक्ता परिषद ने पुनः एक बार सभी ग्रामीण उपभोक्ताओं, घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों व आमजन मानस से एकजुट रहकर बड़ा आन्दोलन खड़ा करने की अपील की है।

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