UPPCL बैक फुट पर: जारी किया 5% केवल डयूटी वसूलने का आदेश

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  1.  ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं से इलेक्ट्रिसिटी डयूटी के मद में लगभग 955 करोड की अधिक वसूली की वापसी पर पावर कारपोरेशन ने प्रमुख सचिव ऊर्जा से मांगा अभिमत 
  2. हर ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ता को 1 किलोवाट पर मिलेगा रूपया 45 का हर माह फायदा

लखनऊ,03 जनवरी। उप्र के लगभग 40 से 60 लाख ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं पर बिजली कम्पनियों के आला अधिकारी द्वारा 5% के बजाय 20% इलेक्ट्रिसिटी डयूटी पिछले 5 वर्षों से वसूले जाने के मामले में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्वारा दाखिल लोकमहत्व जनहित प्रत्यावेदन पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा पावर कार्पोरेशन के प्रबन्ध निदेशक से रिर्पोट तलब करने का यह नतीजा यह रहा कि उप्र पावर कार्पोरेशन ने आज 20% इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी वसूलने का अपना आदेश वापस लेते हुये अपनी बिलिंग साफ्टवेयर में आज की तारीख से आगे केवल 5% इलेक्ट्रीसीटी ड्यूटी वसूल किये जाने का फैसला ले लिया है और उसकी सूचना उपभोक्ता परिषद के लोक महत्व याचिका के क्रम  में पावर कार्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य, संजय कुमार सिंह द्वारा नियामक आयोग सचिव को लिखित में अवगत करा दिया गया है। गौरतलब है कि कल ही नियामक आयोग ने नाराजगी व्यक्त करते हुये पावर कार्पोरेशन प्रबन्धक निदेशक को रिमाइन्डर भेजा था।
वही दूसरी ओर पावर कार्पोरेशन द्वारा पाँच वर्षो में उपभोक्ताओं से वसूले गये लगभग 955 करोड़ को ब्याज सहित वापस करने के मामले पर अपनी फेस सेविंग करने के लिये पावर कारपोरेशन की तरफ से प्रमुख सचिव ऊर्जा का अभिमत मांगा है सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ज्यादा वसूली की है तो उसे वापस करने में पावर कार्पोरेशन क्यों अभिमत की बात कह कर मामले को थोड़े दिन के लिये लटका रहा है यह निर्णय 2012 में उप्र सरकार के कैबिनेट व विधान सभा से पास होकर जारी हुआ था। ऐसे में अधिसूचना का अर्थ का अनर्थ लगाकर पावर कार्पोरशन ने जो गलती की वह स्वयं जिम्मेदार है। अधिसूचना में 5 प्रतिशत वसूली का आदेश स्पष्ट था। ऐसे में 20 प्रतिशत वसूली गलत तरीके से करने के लिये जो भी अधिकारी दोषी हैं उनके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाना चाहिये।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जहां आज से पूरे प्रदेश में ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ोत्तरी के बाद गांव की जनता को बिजली का बिल मिलना शुरू हो गया है और वह बडा झटका दे रहा है वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता परिषद की लड़ाई के बाद हर विद्युत उपभोक्ता के बिल में रू0 45 का लाभ हर माह मिलेगा वर्तमान लागू टैरिफ ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ता 1 किलोवाट पर 300 प्रति किलो प्रतिमाह जो देंगे पहले उन्हें इलेक्ट्रीसीटी ड्यूटी 20 प्रतिशत के हिसाब से यदि आदेश वापस न होता तो रू0 60 देना पड़ता लेकिन अब 5 प्रतिशत के हिसाब से मात्र 15 रू0 देना पड़ेगा। उपभोक्ता परिषद ने कहा जल्द ही पावर कार्पोरेशन को विद्युत उपभोक्ताओं से वसूले गये रू0 955 करोड़ को भी ब्याज सहित वापस देना होगा इसके बाद ही उपभोक्ता परिषद चुप बैठेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं में खुशी की लहर है पूरे मामले पर नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एसके अग्रवाल से मिलकर उन्हें अवगत करा दिया गया है और आयोग द्वारा सही समय पर उचित कदम उठाने के लिये प्रदेश के उपभोक्ताओं की तरफ से आयोग को बधाई भी दी।

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