दलित छात्रा अनीता द्वारा सुसाइड की घटना पर संघर्ष समिति ने जताया शोक, करेंगे 51 हजार की आर्थिक मदद

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24 सितम्बर पूना पैक्ट दिवस पर संघर्ष समिति लखनऊ में करेगी दलित पिछड़ा आरक्षण बचाओ महासम्मेलन


  • तमिलनाडू की दलित छात्रा अनीता द्वारा सुसाइड की घटना पर संघर्ष समिति ने जताया अफसोस, उनके के गरीब परिवार को 51 हजार रूपये की आर्थिक मदद देने का किया ऐलान एवं उसके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर किया याद।
  • 24 सितम्बर को दलित छात्रा के परिवार को लखनऊ महासम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कर किया जायेगा सम्मानित और की जायेगी आर्थिक मदद।

लखनऊ 3 सितम्बर। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र की प्रान्तीय कार्यसमिति ने आज यह ऐलान किया है कि आगामी 24 सितम्बर 2017 को पूना पैक्स दिवस के अवसर पर लखनऊ में दलित पिछड़ा आरक्षण बचाओ महासम्मेलन आयोजित किया जायेगा। संघर्ष समिति ने अपनी प्रान्तीय कार्यसमिति की बैठक के बाद तमिलनाडू स्टेट बोर्ड की टाॅपर 1200 में 1176 अंक हासिल करने वाली दलित छात्रा अनीता द्वारा सुसाइड किये जाने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उसकी आत्मा की शान्ति के लिये प्रार्थना की और संघर्ष समिति कार्यालय में उसकी प्रतिभा को याद करते हुए उसके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। संघर्ष समिति संयोजकों ने इस बात पर अफसोस व्यक्त किया कि दलित छात्रा द्वारा गरीबी के बावजूद भी मेडिकल में प्रवेश हेतु नीट के माध्यम से मा. सुप्रीम कोर्ट तक अपनी लड़ाई लड़ी, परन्तु सफल नहीं हो पायी। गौर तलब है कि स्व. अनीता के पिता जो मजदूरी करके अपना जीवनयापन करते हैं, उनके परिवार के दुख में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र ने अपने को शामिल करते हुए बाबा साहब पे बैक टू सोसाइटी के तहत रू0 51 हजार की आर्थिक मदद करने का किया ऐलान ।

गौरतलब है कि संघर्ष समिति द्वारा पूर्व में भी उप्र के मैनपुरी की दलित बेटी की शादी का पूरा खर्च, बस्ती के आईआईटी में चयनित दलित छात्र की मदद, बीबीएयू में दलित छात्रों की आर्थिक मदद सहित इस प्रकार कार्य करती रही है। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, डा. रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, प्रेम चन्द्र, बनी सिंह, अशोक सोनकर, जितेन्द्र कुमार, श्रीनिवास राव, प्रभु शंकर राव, सुनील कनौजिया ने कहा कि दलित छात्रा के परिवार से सम्पर्क साधने हेतु तमिलनाडू राज्य के अरियालूर जिले के स्थानीय विधायक श्री राजेन्द्रन एस से सम्पर्क किया गया है, उनके द्वारा परिवार का विस्तृत जानकारी व सम्पर्क नम्बर शीघ्र देने का आश्वासन दिया गया है। संघर्ष समिति द्वारा जल्द ही परिवार से सम्पर्क कर उन्हें आर्थिक मदद हेतु 24 सितम्बर को लखनऊ में होने वाले दलित पिछड़ा महासम्मेलन में उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा और उसी दौरान उनको 51 हजार रूपये की आर्थिक मदद की जायेगी और उनके पिता को सम्मानित भी किया जायेगा।

अनिता ने क्यो की थी आत्महत्या ?

अनीता ने तमिलनाडु के कुझुमुर गांव में स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दैनिक मजदूर की 17 वर्षीय बेटी अनीता ने तमिलनाडु स्टेट बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में 1200 में से 1176 नंबर पाये थे. जिसके आधार पर उनका एडमिशन एमबीबीएस में हो जाता लेकिन नीट परीक्षा के चलते ऐसा संभव नहीं हुआ।

गौरतलब है कि पिछले साल तक तमिलनाडु में मेडिकल कॉलेज में दाखिल बारहवीं में प्राप्त अंकों के आधार पर हो जाता था. हालांकि नीट परीक्षा का आयोजन केंद्र सरकार ने पिछले साल भी किया था लेकिन तब तमिलनाडु को इससे छूट मिल गई थी।

अनीता ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बहस की थी। इस साल भी तमिलनाडु सरकार ने अध्यादेश लाकर नीट परीक्षा से बाहर होने का प्रयास किया था लेकिन 22 अगस्त को सुप्रीट कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।