उप्र किसान सभा ने अवधेश कुमार वर्मा को किया सम्मानित

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  • उप्र किसान सभा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को ग्रामीण व किसानों की बिजली समस्याओं के प्रभावी संघर्ष के लिये किया सम्मानित।
  • उप्र किसान सभा के नेताओं ने किया ऐलान प्रदेश में ग्रामीण व किसानों की व्यापक बिजली बढ़ोत्तरी की हर लड़ाई में उपभोक्ता परिषद करेंगे पूरा सहयोग।
  • उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि मा. प्रधानमंत्री जी का हर घर को बिजली देने की योजना सराहनीय लेकिन देश की 80 प्रतिशत आबादी महंगी बिजली वहन करने योग्य नहीं उसके लिये केन्द्र सरकार को उठाना होगा प्रभावी कदम।
  • जब तक सस्ती बिजली नहीं होगी उपलब्ध लालटेन युग से नहीं मिलेगी निजात।
  • केवल मुफ्त कनेक्शन से नहीं चलेगा काम हर महीने भुगतान तभी होगा सम्भव जब दरें होंगी सस्ती।
लखनऊ 26 सितम्बर। प्रदेश के ग्रामीण व किसानों की बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का मामला हो या बिजली सम्बन्धी अन्य समस्यायें हों, आम जनता के सरल कानून बनवाने का मामला हो, सभी पर लगातार निडर होकर संघर्ष कर रहे उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा को आज उप्र किसान सभा के अध्यक्ष कामरेड श्री भारत सिंह, महामंत्री कामरेड श्री मुकुट सिंह व उपाध्यक्ष कामरेड श्री दीनानाथ सिंह यादव पूर्व विधायक ने अपने राज्य कार्यालय डा. अम्बेडकर मार्ग लखनऊ में आमंत्रित कर उन्हें किसान सभा का प्रतीक चिन्ह व शाल भेंटकर सम्मानित किया और प्रदेश के ग्रामीण व किसानों की व्यापक बिजली दर बढ़ोत्तरी पर गहन विचार विमर्श किया तथा यह आश्वासन दिया कि उप्र किसान सभा उपभोक्ता परिषद की हर लड़ाई में उसके साथ है। गौरतलब है कि उपभोक्त परिषद अध्यक्ष को यह सम्मान 9 सितम्बर, 2017 को इटावा की किसान रैली में जानीमानी समाज सेविका मेधा पाटकर की मौजूदगी में प्रदान किया जाना था, लेकिन बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की लड़ाई में व्यस्त रहने के कारण उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष वहां भाग नहीं ले पाये थे, जिसके चलते यह सम्मान आज दिया गया।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मा. श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा हर घर को बिजली देने की कल घोषणा करना निश्चित ही सराहनीय है, लेकिन केन्द्र सरकार को यह भी सोचना होगा कि देश व प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी आज भी महंगी दर पर बिजली बिल चुकाने के काबिल नहीं है। ऐसे में सरकार को यह भी सोचना होगा कि इतनी बड़ी आबादी को सस्ती दर पर बिजली कैसे उपलब्ध हो। केवल बिजली का कनेक्शन दे देने से उसका लालटेन युग नहीं समाप्त होगा। जब तक उसको सस्ती दर पर बिजली न उपलब्ध हो। विगत दिनों जिस प्रकार से प्रदेश के ग्रामीण व किसानों की बिजली दरों में अधिकतम लगभग 350 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गयी, उससे प्रदेश के ग्रामीण व किसान जो अभी तक बिजली उपभोक्ता नहीं है। अब उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि आगे बिजली का कनेक्शन भले ही मुफ्त में उपलब्ध हो जाये, लेकिन महंगी बिजली दर का भुगतान हर महीने वह कैसे करेंगे?
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि चीन, जापान, जर्मनी, अमेरिका सहित अनेकों देश आज भी किसानों को अधिक से अधिक सब्सिडी प्रोवाइड करा रहे हैं और उनको हर सुविधा दे रहे हैं। वहीं भारत के राज्यों में किसानों की सब्सिडी को कम किया जा रहा है, जो गलत है। उप्र सरकार से उपभोक्ता परिषद पुनः यह मांग करती है कि किसानों व ग्रामीणों की बिजली दरें न बढ़ने पाये इसके लिये सरकार अतिरिक्त सब्सिडी घोषित करे।

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