दलित व पिछड़ों को मिलकर कांशीराम जी के सपने को करना होगा साकार: आरक्षण समर्थक

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  • आरक्षण समर्थक कार्मिकों ने मान्यवर कांशीराम जी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि और कहा दलित व पिछड़ों को मिलकर मान्यवर जी के सपने को करना होगा साकार।
  • पदोन्नति में आरक्षण बिल पास कराने के लिये सभी को मिलकर व्यापक आन्दोलन खड़ा करना होगा तभी मिलेगी सफलता।
  • दलित पिछड़ों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिये मान्यवर कांशीराम जी ने किया सबसे ज्यादा संघर्ष और बाबा साहब के सपने को किया साकार।
लखनऊ 9 अक्टूबर। बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी के 11वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र संयोजक मण्डल द्वारा उन्हें याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। आरक्षण समर्थकों ने कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर जी द्वारा बहुजन समाज को दिये गये संवैधानिक अधिकारों को दलित व पिछड़े वर्ग को दिलाने में मान्यवर कांशीराम साहब की भूमिका अहम थी। जिस प्रकार से केन्द्र में मोदी की सरकार बनने के बाद आरक्षण पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है और पदोन्नति बिल को लम्बित रखा गया है। उससे पूरे देश में आरक्षण समर्थकों में भारी रोष व्याप्त है। अब समय आ गया है कि बहुजन समाज को एकजुट होकर मान्यवर कांशीराम जी द्वारा बताये गये रास्ते पर चलकर अपने संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त करना है। जिस दिन दलित व पिछड़ों को उनका संवैधानिक शत-प्रतिशत अधिकार प्राप्त हो जायेगा, सही मायने में उसी दिन मान्यवर जी का सपना पूरा होगा।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों सर्वश्री अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, बनी सिंह, रीना रजक, लेखराम, अशोक सोनकर, प्रेम चन्द्र, अंजली गौतम, रेनू, जितेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार, प्रतोष कुमार, राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, प्रभु शंकर राव, श्रीनिवास राव, राजेश पासवान, चमन लाल भारती, चन्द्रहास सिंह, अजय चैधरी, सुनील कनौजिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी को एकजुट होकर करो मरो की तर्ज पर पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को बहाल कराने के लिये अपना शत-प्रतिशत योगदान देना होगा। जिस प्रकार से दलित व पिछड़ों के संवैधानिक अधिकार पर कुठाराघात हो रहा है, उससे यह सिद्ध हो गया है कि देश व प्रदेश में 85 प्रतिशत समाज को एकजुट होकर अपने अधिकार के लिये संघर्ष करना होगा। पूरे देश में जिस प्रकार से आरक्षण विरोधी ताकतें दलित व पिछड़े वर्ग को गुमराह कर उनमें भेदभाव पैदा कर रही हैं। उन सब से दूर रहकर आरक्षण समर्थकों को दलित पिछड़ा भाई-भाई, आरक्षण की मिलकर करो लड़ाई का नारा बुलन्द करना होगा। जो मान्यवर कांशीराम जी का सबसे बड़ा सपना था।

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