- प्रदेश में 68 लाख अनमीटर्ड विद्युत उपभेाक्ताओं के यहाॅं बिजली कम्पनियों द्वारा मीटर लगाने की प्रक्रिया पर उपभोक्ता परिषद का बडा खुलासा, 1 मीटर निर्माता कम्पनी ने लगभग 1029 ऐसे परिसर पर ठोक दिया मीटर जिनके पास नही था बिजली कनेक्शन
- जिनके यहाॅं लगना 3 फेस उनके यहाॅं लगा दिया सिंगल फेस जिनका हो गया स्थायी विच्छेदन उनके यहाॅ भी लग गया मीटर
- उपभोक्ता परिषद ने कहा जल्दबाजी में मीटर खरीद का हर्ष बता रहा है कि विभाग के तराजू के साथ हो रहा है खिलवाड कहीं यह योजना हो न जाये फ्लाप
- उपभोक्ता परिषद ने पूरे मामले को आयोग अध्यक्ष के सामने उठाया हस्तक्षेप की उठायी मांग
- मीटर की गुणवत्ता पर फिर उपभोक्ता परिषद ने उठायी मांग प्रभावी योजना की सफलता के लिये पारदर्शिता जरूरी
‘एक मीटर निर्माता कम्पनी को फैजाबाद में लगभग 20 करोड का मीटर खरीद व लगाने का आर्डर मिला’
लखनऊ 31 अक्टूबर। प्रदेश में 68 लाख अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं के यहाॅं प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा मीटर खरीद व लगाने के लिये लगभग 400 से 500 करोड का आर्डर हा चुका है। जिसको लेकर उपभोक्ता परिषद लगातार यह बात उठा रहा है है कि इस संवेदनशील मुददे पर बिजली कम्पनियेां को गहनता से प्रभावी कार्य योजना बनाकर कार्यवाही करनी होगी जिससे मीटर की गुणवत्ता व लगाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उपभोक्ता परिषद आज जो खुलासा करने जा रहा है उससे बिजली कम्पनियों के उच्चाधिकारियों के होश उड जायेंगे।
एक मीटर निर्माता कम्पनी को फैजाबाद में लगभग 20 करोड का मीटर खरीद व लगाने का आर्डर मिला। विगत दिनों फैजाबाद के बिजली अभियन्ताओं द्वारा मीटर निर्माता कम्पनी एवं अपने उच्चाधिकारियों को यह अवगत कराया गया कि मीटर कम्पनी द्वारा अब तक जो 12285 मीटर उपभोक्ता के परिसरों पर लगाये गये उसमें बडे पैमाने पर अनियमितता बरती गयी है। लगभग 1029 ऐसे परिसरों पर मीटर लगा दिये गये जिनके पास बिजली का कनेक्शन ही नही था। और 124 निजी नलकूप व 57 औद्योगिक परिसरों पर जहाॅ पर 3 फेस मीटर लगना था वहाॅं सिंगल फेस मीटर लगा दिया। यह तो एक उदाहरण मात्र है। जो स्वतः यह सिद्ध कर रहा है कि जिन मीटर निर्माता कम्पनियों को मीटर लगाने का आदेश दिया गया है वह कितनी गंभीरता से काम कर रही हैं? ऐसा भी खुलासा हुआ है जिन उपभोक्ताओं का स्थायी विच्छेदन हो चुका है वहाॅं भी मीटर लगा दिया गया है।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आज इस पूरे मामले को नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल को भी अवगत करा दिया गया है किस प्रकार मीटर निर्माता कम्पनियाॅं आम जनता के साथ खिलवाड कर रही हैं गौरतलब है कि यह वही मीटर निर्माता कम्पनी है। विगत में जिसके मीटर में जम्पिंग की शिकायत लखनऊ लेसा में सामने आयी थी और पूरे मामले पर नियामक आयेाग द्वारा जाॅंच कर रिपोर्ट तलब की गयी थी। अन्ततः मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। उपभोक्ता परिषद लगातार यह बात उठा रहा है कि मीटर लगाना एक सतत प्रक्रिया है यदि जल्दबाजी में बिजली कम्पनियाॅं मीटर खरीद कर लगाने का अभियान चलायेंगी तो उसका हर्ष यही होगा जो फैजाबाद में सामने आया है। अन्ततः कहीं ऐसा न हो जाये कि यह पूरी योजना ही फ्लाप साबित हो जाये।
आयेाग अध्यक्ष ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और कहा आयेाग इस पर उपभेाक्ताओं के हित में जरूरी कदम उठायेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मीटर विभाग का तराजू है उसे सही होना अति आवश्यक है जब तक उसकी गुणवत्ता उच्च कोटि की नही होगी विभाग को हानि होती रहेगी। सबसे बडा सवाल यह है कि उप्र सरकार की सबसे महत्वाकाॅंक्षी येाजना जिस पर पावर कारपोरेशन प्रबन्धन लगातार मानीटरिंग कर रहा है उसका यह हाल है तो आनेवाले समय में प्रदेश में जो करोडों रू. के मीटर स्थापित हो रहे हैं उनकी गुणवत्ता की पारदर्शिता कैसे सुनश्चिित होगी यह राम ही मालिक।







