NTPC मामले में PM करें हस्तक्षेप, सीईए से करायी जाये जाॅंच: उपभोक्ता परिषद

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  • एनटीपीसी ऊॅंचाहार की घटना पर एनटीपीसी की ही जाॅंच समिति पर उपभोक्ता परिषद ने खडे किये सवाल कहा पूरे मामले पर मा. प्रधानमंत्री जी करें हस्तक्षेप और देश की बिजली की सर्वोच्च स्वतंत्र संस्था सीईए से करायी जाये जाॅंच
  • प्रदेश के उत्पादन निगम से महारत्न कम्पनी को लेनी चाहिये सीख, 1997-98 में ओबरा में 15 मीटर तक क्लींकर फार्म बनने पर इकाई को बंद कर किया गया था कार्य ऐसे में एनटीपीसी ने रनिंग मशीन में मजदूरों से क्यों कराया कार्य
  • अपनी दादागिरी के चलते एनटीपीसी अनेकों बार ग्रिड अनुशासन के लिये जब सिस्टम द्वारा मशीनों को बंद करने का दिया जाता है निर्देश तब भी वह नही करता है पालन
  • उपभोक्त्ता परिषद ने केन्द्र सरकार से क्लींकर फार्म पर मशीन बंद कर कार्य कराने हेतु एडवाइजरी जारी करने की उठायी मांग
लखनऊ: 03 नवम्बर, 2017, एनटीपीसी ऊॅंचाहार की 500 मेगावाट की इकाई में भीषण दुर्घटना में दर्जनों मजदूरों व कुछ अभियन्ताओं की जानें जाने के बाद उसकी जाॅंच हेतु एनटीपीसी के ही अधिकारियों की 3 सदस्यीय कमेटी किसी के भी गले नही उतर रही है। वास्तव में निष्पक्ष व पारदर्शी जाॅंच के लिये केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री को भारत सरकार की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बडी संस्था केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के तकनीकी विशेषज्ञों से जाॅंच कराना चाहिये था। सबसे बडा सवाल यह है कि जो तथ्य सामने आ रहे हैं उसमें ऊॅंचाहार में हापर में 15 से 16 मीटर तक क्लींकर फार्म इकटठा हुआ।
रनिंग मशीन में एनटीपीसी के किस उच्चाधिकारी के निर्देश पर क्लींकर फार्म को साफ करने का कार्य कराया गया और हादसा हो गया। जरूरत पडने पर जाॅंच समिति एनटीपीसी के अपने उच्चाधिकारियों को जाॅंच के दायरे में कैसे लायेगी और उनके खिलाफ रिपोर्ट देगी। यह पारदर्शी जाॅंच तभी संभव है जब किसी स्वतंत्र एजेन्सी से जाॅंच करायी जाये। देश की महारत्न कम्पनी हमेशा से अपनी दादागिरी के चलते अनेकों बार ऐसा हुआ है कि सिस्टम कन्ट्रोल द्वारा जब ग्रिड सुरक्षा के कारण लोड कम करने हेतु मशीनों को बंद करने का निर्देश दिया जाता है तो ज्यादातर एनटीपीसी द्वारा अपनी मशीनों को नही बंद किया जाता उल्टे राज्यों के उत्पादन गृहों को अपनी मशीनें बंद करनी पडती है। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि देश के मा. प्रधानमंत्री जी को पूरे मामले पर हस्तक्षेप करते हुए ऊॅंचाहार की घटना की सीईए से जाॅंच कराकर दोषियों को कठोर सजा दिलानी चाहिये।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुुमार वर्मा ने कहा कि अविलम्ब केन्द्र सरकार को पूरे देश में किसी भी उत्पादन गृह में क्लींकर फार्म ज्यादा बनने पर मशीन बंद कर कार्य कराये जाने का निर्देश हेतु एडवाइजरी जारी करानी चाहिये। अन्यथा इसी प्रकार दुर्घटनायें होती रहेंगी। देश की महारत्न कम्पनी एनटीपीसी को उप्र के उत्पादन निगम से सीख लेना चाहिये, 1997-98 में ओबरा की 11वीं 200 मेगावाट की इकाई में एक बार 15 मीटर तक क्लींकर फार्म बन गया था अविलम्ब मशीन को बंद कराकर लगभग 21 दिन तक क्लींकर फार्म को तोडकर निकाला गया तत्पश्चात मशीन चलायी गयी। ऐसे में देश की महारत्न कम्पनी एनटीपीसी की यह चूक पूरी तरह लापरवाही को दर्शाता है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जैसा कि मामला सामने आ रहा है 2 दिन से क्लींकर फार्म बहुत तेजी से ऊॅंचाहार की इकाई में बन रहा था ऐसे में एनटीपीसी के स्थानीय अभियन्ताओं द्वारा निश्चित तौर पर अपने मुख्यालय से निर्देश मांगा गया होगा लेकिन हमेशा की भाॅंति एनटीपीसी का एक चलन है कि मशीन को कम से कम बन्द किया जाता है और उसी दादागिरी के चलते इतनी बडी दुर्घटना हो गयी और दर्जनों मजदूरों और कुछ अभियन्ताओं की जान चली गयी जो अपने आप में बहुत गंभीर मामला है।

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