उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के खिलाफ युवा कांग्रेस का ‘मशाल जुलूस’

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लखनऊ 11 सितम्बर। उत्तर प्रदेश की चौपट कानून व्यवस्था के खिलाफ कल रात्रि में उप्र युवा कांग्रेस ने ‘मशाल जुलूस’ निकालकर विरोध व्यक्त किया। मसाल जुलूश 7 माल एवेन्यू युवा कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर वीवीआईपी गेस्ट चौराहे से होते हुए माल एवेन्यू स्थित भाजपा के वरिष्ठ मंत्रियों के आवास के सामने से होते हुए राजीव चौक माल एवेन्यू पर समापन हुआ।

मशाल जुलूस में युवा कांग्रेस मध्य जोन के अध्यक्ष श्री अंकित सिंह परिहार, महासचिव श्री अखिलेश वर्मा, श्री सोमेश सिंह चौहान, प्रदेश सचिव श्री विशाल तिवारी, विशाल राजपूत, श्री नकुल सक्सेना एवं श्री संदीप पाल, लोकसभा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी, विधानसभा अध्यक्ष श्री उमेश यादव, राधाकृष्ण मिश्रा, सुशील यादव, विनय गुप्ता एवं सौरभ यादव सहित सैंकड़ों युवा कांग्रेसजन शामिल रहे।

उप्र युवा कांग्रेस के महामंत्री सोमेश सिंह चौहान ने बताया कि मशाल जुलूस को सम्बोधित करते हुए श्री अंकित सिंह परिहार ने कहा कि वर्तमान उप्र की सरकार कानून व्यवस्था संभाल पाने में असमर्थ है। आये दिन प्रदेश में लूट, हत्या, डकैती, बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। सरकार स्थिति को संभाल नहीं पा रही है। सरकार को चेतावनी देने के लिए मशाल जुलूस निकाला गया है। यदि कानून व्यवस्था की स्थिाति में सुधार नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस विधानसभा घेराव करने के लिए बाध्य होगी।

किसानों को लूट रही है उप्र सरकार

लखनऊ 11 सितम्बर। एक तरफ जहां उप्र की सरकार दावा कर रही है कि वह किसानों की भलाई के लिए तमाम बड़ी योजनाएं ला रही है वहीं दूसरी तरफ योजनाओं का ढिंढोरा चाहे जितना पीट ले लेकिन मूर्त रूप में एक भी योजना फलीभूत होती दिखाई नहीं दे रही है। जिसका ताजा उदाहरण उप्र में यूरिया पर लगने वाला विशेष टैक्स (एसीटीएन) है, जिसके चलते किसानों को यूरिया का दाम प्रति बोरी लगभग 32 रूपये अधिक चुकाना पड़ रहा है। आज किसान व्यापक आर्थिक बोझ ढोने के लिए मजबूर है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने आज यहां जारी बयान में कहा कि उप्र की सरकार को प्रदेश पर लागू एडीशनल कास्ट ड्यू टु नॉन रिकगनाइज्ड इनपुट टैक्सेशन (एसीटीएन) को तत्काल प्रभाव से समाप्त करना होगा, जैसा कि अन्य राज्यों ने किया है। राज्य सरकार को सभी तरीके के खादों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी तथा यह किसान को उसके गांव में ही मिले यह भी सुनिश्चित करना होगा और यह सारा काम सरकार को अविलम्ब रूप से करना होगा।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक तरफ जहां 15करेाड़ रूपये विज्ञापनों पर खर्च करके कर्जमाफी का ढिंढोरा पीटा जा रहा है वहीं दूसरी ओर किसानों का कर्ज तीन रूपये और चार हजार रूपये माफ किया जा रहा है। जिससे किसानों में व्यापक असंतोष है जिसकी परिणति मुरादाबाद में देखने को मिली जहां कर्जमाफी का प्रमाणपत्र बांटने गये केन्द्रीय मंत्री श्री सत्यपाल सिंह को किसानों के व्यापक विरोध का सामना करना पड़ा।

सबको शिक्षा के अधिकार का मखौल उड़ा रही है योगी सरकार

लखनऊ 11 सितम्बर। केन्द्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार जहां एक ओर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लेकर आयी जिसमें दुर्बल वर्ग के छात्र-छात्राओं केा भी सरकारी, अर्द्धसरकारी व निजी स्कूलों में समान रूप से शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलता है वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत से सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार निजी शिक्षण संस्थानों जो कि आर.टी.ई. कानून का विरोध कर रहे हैं, के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।

कहां तो मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को आर.टी.ई. कानून के अन्तर्गत समस्त दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को निजी एवं अर्द्धसरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करना चाहिए पर मुख्यमंत्री ऐसे संस्थानों में कार्यक्रम करने जा रहे हैं जो दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को अपने यहां दाखिला नहीं दे रहे हैं तथा उनके प्रबन्धन के लेाग मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा कर रहे हैं। जिसका मैग्सेसे पुरस्कार विजेता श्री संदीप पाण्डेय सहित तमाम सामाजिक संगठनों के लोगों ने विरोध दर्ज कराया है।  प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेन्द्र राजपूत ने मांग की है कि मुख्यमंत्री 12सितम्बर को जिस स्कूल में कार्यक्रम में जा रहे हैं वहां के प्रबन्धन से दुर्बल आय वर्ग के छात्र-छात्राओं का दाखिला सुनिश्चित करने के लिए कहें। अन्यथा यह माना जायेगा कि मुख्यमंत्री गरीब बच्चों के शिक्षा के प्रति संवेदनहीन हैं और इनका गरीबों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।