महिलाओं को निर्भर नहीं आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है: मंत्री सुरेश खन्ना

0
624
  • सुश्री सुरभि सिंह ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया
लखनऊ 23 सितम्बर: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज संत गाडगे प्रेक्षागृह में संस्था ‘कल्चरल क्वेस्ट’ द्वारा आयोजित नृत्य नाटिका ‘आज की द्रौपदी’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना, मंत्री महिला कल्याण श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, राज्यमंत्री श्रीमती स्वाती सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। नाटक में मुख्य भूमिका मशहूर नृत्यांगना सुश्री सुरभि सिंह की रही।
राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित महिला सम्मान समारोह में राज्यमंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, महन्त देव्या गिरी, श्रीमती नम्रता पाठक, डाॅ. पूर्णिमा पाण्डेय, श्रीमती सपना उपाध्याय, डाॅ. रूपल अग्रवाल, प्रो. कमला श्रीवास्तव, श्रीमती सुनीता झिंगरन, श्रीमती ज्योति किरण सिन्हा, डाॅ. तुलिका चन्द्रा, सुश्री उषा विश्वकर्मा, श्रीमती रागिनी मिश्रा, डाॅ. सरिता शाही, सुश्री मोनिका त्रिवेदी, डाॅ. शुक्ला, सुश्री अर्पणा मिश्रा एवं श्रीमती माया अलघ को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। श्रीमती सुतापा सान्याल कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकी। उन्होंने अपनी शुभकामनाएं एवं धन्यवाद पत्र के माध्यम से प्रेषित किया।
राज्यपाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नृत्य नाटिका का शीर्षक उत्सुकता बढ़ाता है। समाचार पत्र में दहेज, बाल विवाह, महिला उत्पीड़न, महिलाओं से दुव्र्यवहार देखने को मिलता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार ने ‘बेटी बढ़ाओं-बेटी पढ़ाओं’ जैसी योजनाएं आरम्भ की हैं। उचित वातावरण मिलता है तो महिलाएं हर स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ सफलता मिलेगी।
श्री नाईक ने कहा कि पूर्व में महिलाएं केवल शिक्षण या नर्सिंग सेवा में ही थी। समय बदल रहा है, हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रही हैं। चिकित्सक, इंजीनियर, पुलिस एवं प्रशासनिक सेवा तथा सेना में भी महिलाएं अपनी सेवाएं दे रही हैं। भारत की रक्षा मंत्री भी महिला है। महिलाएं स्वालम्बी व आत्मनिर्भर होंगी तो देश की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि आधी आबादी के प्रति नजरिया बदलना होगा।
मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए कानून तो बहुत है फिर भी उनके राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए वर्षों से प्रतीक्षा हो रही है। सामाजिक परिवेश में बेटी के पैदा होते ही यह कहा जाता है कि उसे दूसरे के घर जाना है। यह नहीं कहा जाता कि बेटी पैरों पर खड़ी हो और अपना निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो। महिला को पैदाइश से लेकर विवाह तक ऐसा परिवेश मिले कि वह सबल बने। उन्होंने कहा कि महिलाओं को निर्भर नहीं आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में सुश्री सुरभि सिंह ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here