शौचालय का निर्माण झुग्गी-झोपड़ी में भी हो: श्री नाईक

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  • राज्यपाल ने स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ किया
  • अमीर और गरीब महिला की इज्जत बराबर है-राज्यपाल
लखनऊः 07 अक्टूबर, 2017. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज घण्टा घर पार्क चैक में आयोजित स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ स्वयं सफाई करके किया। स्वच्छता अभियान में 23 चुनिन्दा शहरों में दशहरे से दिवाली के बीच एक हजार टन कचरा साफ करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, स्थानीय विधायक श्री नीरज बोरा, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मनकामेश्वर मंदिर की महन्त दिव्यागिरी, नवाब मीर अब्दुला जाफर, कई विश्वविद्यालय के कुलपतिगण, दैनिक जागरण के स्थानीय सम्पादक श्री अभिजीत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवी संस्थाएं एवं स्कूली छात्र उपस्थित थे। स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिये नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किये। राज्यपाल ने स्वच्छता जागरूकता के प्रति हस्ताक्षर अभियान में भी सहभाग किया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्पन्न घराने की महिला और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिला दोनों की इज्जत बराबर है। इस दृष्टि से झुग्गी-झोपड़ी में भी शौचालय का निर्माण हो। घर में शौचालय होगा तो शरीर भी अनेक बीमारियों से दूर रहेगा। स्वच्छता और स्वास्थ्य का आपस में सीधा संबंध है। खुले में शौच को समाप्त करने के लिये घरों में शौचालय का निर्माण अत्यन्त आवश्यक है। स्वच्छता एक चुनौती है जिसे सफल बनाने के लिये संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि समाज को यह चित्र बदलने के लिये आगे आना चाहिए।
श्री नाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गांधी जयन्ती के दिन 02 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ किया था। इसी क्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने 15 सितम्बर, 2017 को ‘स्वच्छता अभियान’ की तीसरी वर्षगांठ पर कानपुर देहात के ईश्वरगंज गांव से ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का शुभारम्भ किया। 02 अक्टूबर, 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया था कि वर्ष के अंत तक 30 जिलों में शौचालयों का निर्माण करके खुले में शौच से मुक्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिये इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
मंत्री श्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर स्वच्छता अभियान में नागरिकों को सहयोग करना चाहिए। गन्दगी से बीमारी पनपती है। पर्यटन विकास के लिये स्वच्छता जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वयं उदाहरण बनकर गन्दगी फैलाने के प्रति समाज का स्वभाव बदलने की आवश्यकता है।

राजभवन में फ्रेंडली क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया

लखनऊः 07 अक्टूबर, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने आज राजभवन के गृह अधिष्ठान एवं राज्यपाल सचिवालय के बीच खेले गये फ्रेंडली क्रिकेट मैच में विजेता टीम एवं रनर टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। क्रिकेट मैच में राजभवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खिलाड़ी के रूप में अपना खेल कौशल का प्रदर्शन किया तथा राज्यपाल सचिवालय की टीम ने एक रन से विजय प्राप्त की। गृह अधिष्ठान टीम के कप्तान राज्यपाल के परिसहाय श्री प्रवीण भौरिया तथा राज्यपाल सचिवालय टीम के कप्तान अपर विधि परामर्शी श्री कामेश शुक्ला थे। मैच का आयोजन राजभवन के बड़े लाॅन में किया गया था।
मैच में उत्कृष्ट बैटिंग के लिये डा. रईस, उत्कृष्ट बाॅलिंग के लिये उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह तथा मैन आॅफ द मैच का पुरस्कार श्री अश्वनी को दिया गया। अम्पायर के रूप में विशेष कार्य अधिकारी श्री राजवीर सिंह राठौर, श्री संजय श्रीवास्तव ने अपने दायित्व का निर्वाहन किया तथा कमेन्ट्री उपनिरीक्षक श्री जमाल सिद्दीकी एवं श्री धीरेन्द्र शुक्ला द्वारा की गई।
राज्यपाल ने पुरस्कार वितरण के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हार-जीत खेलने वालों की होती है। जो नहीं खेलता उनको हार-जीत का महत्व नहीं पता होता। टीम के हारने के बाद भी टीम का स्वागत होना चाहिए क्योंकि खेल में खेल की भावना का ज्यादा महत्व होता है। इस तरह के मैचों से आपस में स्नेह पैदा होता है। खेल से एकता, आत्मीयता और शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि अहंकार को दूर करने में खेल का मैदान सबसे महत्वपूर्ण होता है।
श्री नाईक ने कहा कि राजभवन में अधिकारियों और कर्मचारियों का एक साथ मैच खेलने का पहला मौका है जो वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व इस मैदान में योगाभ्यास का कार्यक्रम रखा गया था। उन्होंने प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा आपसी तालमेल बढ़ाने के लिये क्रिकेट मैच के प्रस्ताव उत्साहवर्द्धक है और कार्य संस्कृति में सुधार लाने में सहायक हैं। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में इस प्रकार केे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए।

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