UPPCL से बढ़ी बिजली दरों में उजागर सभी कमियों पर आयोग तलब करेगा जवाब

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  • उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने बिजली दरों में व्यापक बढोत्तरी प्रस्ताव पर नियामक आयोग अध्यक्ष, श्री देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर लम्बी वार्ता की
  • उपभोक्ता परिषद का दावा, देश के अनेकों राज्यों में 20 से 24 धण्टे सप्लाई फिर भी वर्ष 2017-18 की बिजली दरों में व्यापक कमी, फिर उ0 प्र0 में ज्यादा सप्लाई देने के नाम पर व्यापक बढोत्तरी क्यों?
  • उपभोक्ता परिषद का एलान, बिजली दर बढोत्तरी का हर स्तर पर होगा विरोध

प्रदेश के ग्रामीण व कृषि क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में 260 से 350 प्रतिशत वृद्धि के विरोध में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद, अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज उप्र विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन श्री देश दीपक वर्मा से नियामक आयोग में मुलाकात कर लम्बी वार्ता की और एक जनहित प्रत्यावेदन सौंपा। उपभोक्ता परिष्द द्वारा अपने प्रत्यावेदन में जहाॅं बिजली कम्पनियों द्वारा उदय अनुबन्ध के विपरीत बिजली दरों में 3 गुना औसत बढोत्तरी प्रस्ताव दिये जाने एवं अनेकों बिजली दर संबंधी प्रस्ताव में उजागर कमियों पर विस्तार से चर्चा की। उपभोक्ता परिषद ने अपने प्रत्यावेदन में यह मुददा भी उठाया कि पावर कारपोरेशन की बिजली दर प्रस्ताव में सैकडों कमियाॅं हैं जब तक उस पर सही जवाब मंगा कर नियामक आयेाग उसका गहन परीक्षण न कर ले तब तक बिजली कम्पनियों द्वारा सौंपे गये प्रस्ताव व एआरआर को न स्वीकार करें।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आयोग अध्यक्ष के सामने यह भी मुददा उठाया कि टैरिफ सरलीकरण कमेटी की बैठक में पूर्व में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के फिक्सड चार्ज को समाप्त करने व वाणिज्यक विद्युत उपभोक्ताओं के मिनिमम चार्ज को खत्म करने के लिये उपभोक्ता परिषद द्वारा प्रस्ताव रखा गया था जिसमें फिक्स चार्ज के मुददे पर आम सहमति नही बनी थी लेकिन वाणिज्यक विद्युत उपभोक्ताओं के मिनिमम गारण्टी चार्ज को समाप्त करने पर ज्यादातर सदस्यों की राय एक थी। उसके बावजूद भी बिजली कम्पनियों द्वारा पुनः फिक्सड चार्ज व मिनिमम चार्ज में बढोत्तरी कर आयोग के सामने प्रस्ताव लाया गया। यह कहाॅं तक उचित है? इन सभी मुददों पर गंभीरता से विचार किये जाने की आवश्यकता है।

उप्र विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री देश दीपक वर्मा ने सभी मुददों पर विस्तार से चर्चा करने के उपरान्त उपभोक्ताा परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि आयोग सभी मुददों पर परीक्षण करेगा। बिजली दर प्रस्ताव में जो कमियाॅं है उस पर आयोग द्वारा पावर कारपोरेशन से रिपोर्ट तलब की जा रही है। कमियों का समाधान होने के बाद ही आयोग एआरआर पर विचार करेगा।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि यह बडे दुर्भाग्य की बात है कि पूरे देश में ज्यादातर राज्य अपने विद्युत उपभोक्ताओं को 20 से 24 घण्टे बिजली दे रहे हैं उसके बावजूद भी उनके राज्य में वर्ष 2017-18 में उदय अनुबन्ध में प्रस्तावित वृद्धि से भी कम बिजली दर बढोत्तरी की गयी है परन्तु उप्र में प्रदेश की जनता के हितों के विपरीत ज्यादा बिजली सप्लाई देने के नाम पर कई गुना दरों में बढोत्तरी का प्रस्ताव दिया गया है जिसका हर स्तर पर व्यापक विरोध किया जायेगा।

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