- ‘‘प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना’’ की अपार सफलता तब होती, जब केन्द्र का यह भी नारा बुलन्द होता कि ‘‘हर घर बिजली, सस्ती बिजली’’
- एक तरफ केन्द्र सरकार क्रास सब्सिडी कम करने हेतु मार्च, 2018 के बाद योजना ला रही है वहीं दूसरी तरफ हर घर को बिजली की योजना कैसे होगी साकार?
- बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर ने कहा था कि बिजली सस्ती नहीं, बहुत सस्ती होना चाहिए और हमेशा सार्वजनिक क्षेत्र में होना चाहिए, केन्द्र सरकार इसका करे अनुकरण
लखनऊ 16 दिसम्बर। कल से पूरे प्रदेश में ‘‘प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना’’ के लिए मेगा कैम्प आयोजित किया जा रहा है जो निश्चित ही एक सराहनीय कदम है, लेकिन यदि केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में भी विचार करती कि ‘‘हर घर बिजली, सस्ती बिजली’’ तो ज्यादा उचित होता। जिस प्रकार से प्रदेश में आम ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी की गयी है, उससे यह अभियान ‘‘हर घर बिजली, मंहगी बिजली’’ में परिवर्तित हो जायेगा। उपभोक्ता परिषद ने केन्द्र सरकार पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि 8 दिसम्बर को हुए राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में केन्द्रीय ऊर्जा मन्त्री की यह घोषणा कि – मार्च, 2018 के लिए टैरिफ पालिसी के अनुसार क्रास सब्सिडी को घटाने का खाका तैयार किया जा रहा है, जो पूरी तरह यह सिद्ध करता है कि आने वाले समय में आम जनमानस की दरों में और ज्यादा इजाफा होगा।

यह कहना गलत नहीं होगा कि 2-4 घंटे अधिक बिजली देकर ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरें शहरी विद्युत उपभोक्ताओं के बराबर हो जायेंगी, जो पूरी तरह देश की गरीब जनता के साथ बड़ा अन्याय होगा। किसी भी प्रदेश में ऐसा अभियान देखने को नहीं मिलेगा, जहाँ पहले बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी कराई जाती है और फिर घर-घर बिजली देने का अभियान चलाया जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि गरीब उपभोक्ता को यदि फ्री में कनेक्शन भी मिल गया तो वह उसका लाभ वह तभी ले सकता है जब बिजली सस्ती हो, और उसके वहन करने योग्य हो। बिजली का उपभोग गरीब किसान व घरेलू आम उपभोक्ता आवश्यकता के रूप में करता है लेकिन उद्योग व व्यापार इसे कच्चे माल के रूप में उपभोग करते हैं ऐसे में क्रास सब्सिडी घटाना नहीं, बढ़ाना चाहिए।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार, जो लगातार बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों को साकार करने की बात करती है उसे शायद यह पता ही होगा कि बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर ने एक बार जोर देकर यह बात कही थी कि बिजली सस्ती नहीं, बहुत सस्ती होनी चाहिए और हमेशा सार्वजनिक क्षेत्र में होना चाहिए, जिससे आम गरीब जनता सभी इसका लाभ ले पायें, लेकिन वर्तमान में जो नीतियाँ सरकारों द्वारा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं पर थोपी जा रही है उससे शायद सरकार का यह लक्ष्य तो पूरा हो जाये कि हर घर को बिजली मिल जाये, लेकिन यह नामुमकिन होगा कि हर घर मंहगी बिजली का उपभोग कर पाये।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि अब ज्यादातर उन्हीं इलाकों में बिजली नहीं है, जहाँ वितरण मेन्स नहीं उपलब्ध है या तो वह लोग बिजली से वंचित हैं जो बिजली कनेक्शन लेने में आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में सरकार को ऐसे गरीब आम जनमानस के लिए सस्ती बिजली हेतु एक महत्वाकांक्षी योजना लाना चाहिए था। तब सही मायने में घर-घर बिजली का सपना साकार होता।







