डॉ दिलीप अग्निहोत्री
लखनऊ लोकसभा सीट का अपना महत्व रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी यहां से पांच बार एमपी और फिर देश के पीएम बने। उनको पराजित करने के लिए विपक्षी पार्टियां दूर दूर से प्रत्याशी लाई, लेकिन किसी की दाल नहीं गली। उनके बाद भी चुनाव में उनका नाम प्रभावी रहता है। यही कारण है कि मेयर से लेकर लोकसभा तक भाजपा के उम्मीदवारों को इसका लाभ मिलता है। केंद्रीय गृहमंत्री को यहां से दुबारा मतदाताओं का आशीर्वाद मिलने की आशा है।प्रत्याशी घोषित होने के बाद राजनाथ सिंह का पहली बार लखनऊ आगमन उत्साहजनक रहा। उनके स्वागत में पार्टी के कार्यकर्ता ही नहीं जनसामान्य की भी बड़ी संख्या में भागीदारी थी। इसके अलावा कई विधानसभा क्षेत्रों के होली मिलन समारोह भी संख्या और गर्मजोशी के हिसाब से सफल रहे। इस प्रकार रंग गुलाल उत्सव के साथ अपरोक्ष रूप में राजनाथ सिंह का चुनाव प्रचार शुरू हुआ। राजनाथ सिंह ने एयर स्ट्राइक, विश्व इस्लामी सम्मेलन, कौशल विकास, मुद्रा,सुशासन का विषय उठाया। प्रश्न किया कि एयर स्ट्राइक से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल परेशान क्यों है।
पाकिस्तान की परेशानी तो समझ आती है। लेकिन यहां के नेताओं का सबूत मांगना शर्मनाक है। पांच वर्ष में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्र्ष्टाचार के आरोप नहीं लगे। जबकि यूपीए सरकार घोटालों में घिरी थी। भाजपा को साम्प्रदायिक बताया जाता है, लेकिन इस्लामिक देशों के सम्मेलन में पहली बार भारत को विशेष आमंत्रित के रूप में शामिल किया गया। इसके लिए पाकिस्तान को भी नजरअंदाज किया गया। वह इस सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। मोदी सरकार की नीतियों के चलते भारत विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का डेज़ह है। अगले एक दशक में यह तीसरी सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था हो जाएगी। जबकि यूपीए शासन के समय भारत नवें स्थान पर था। नक्सल प्रभवित क्षेत्रो में गतिविधियां साठ प्रतिशत की कमी आयी है, जल्द ही ये पूरी तरह खत्म होगा। पाकिस्तान के धरती से आतंकवाद खत्म करने का प्रयास किया गया है। यूपीए सरकार ने दस वर्ष तक सत्ता में रहने के बाद भी राफेल हवाई जहाज नहीं खरीदे। अगर राफेल हवाई जहाज होता तो भारत की धरती पर खड़े रहकर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को जमीन में मिला सकता था।
पिछले पांच साल में लखनऊ में चौबीस हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ। जिले के विकास के लिए हर संभव कोशिश की अब यहां की जनता ही तय करे कि क्या करना है। उन्होंने कहा कि मेरी जितनी क्षमता थी पांच साल में किया। अब बारी जनता की है। लखनऊ लोकसभा सीट पर उन्नीस सौ इक्यानवे से भाजपा का कब्ज़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी यहां से उन्नीस सौ इक्यानवे में विजयी हुए थे। वह पांच बार यहां से लोकसभा सदस्य बने, अटल जी अपनी शैली में कहते भी थे कि आपने हमको एमपी बनाया, दिल्ली जाकर मैं पीएम बन गया। उनके चुनावी राजनीति से सन्यास के बाद भी उनका प्रताप यहां दिखाई देता रहा। उनके नाम से दो हजार नौ में लालजी टण्डन और दो हजार चौदह में राजनाथ सिंह ने बड़ी जीत दर्ज की थी।
उन्नीस सौ बावन, उन्नीस सौ सत्तावन और उन्नीस सौ बाँसठ में यहां से कांग्रेस को सफलता मिली थी। उन्नीस सौ सरसठ में निर्दलीय उम्मीदवार आनंद नारायण ने जीत कांग्रेस के विजय रथ को रोक था। उन्नीस सौ इकहत्तर में कांग्रेस ने हार का बदला लिया। तब शीला कौल यहां से जीती थी। उन्नीस सौ सतहत्तर में हेमवती नंदन बहुगुणा भारतीय लोकदल के टिकट पर जीते थे। उन्नीस सौ अस्सी और चौरासी में कांग्रेस की शीला कौल कामयाब रही। इस लोकसभा में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं-लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तरी, लखनऊ पूर्वी, लखनऊ मध्य व लखनऊ कैंट। लखनऊ जिले में आठ ब्लॉक आते है- बक्शी का तालाब, चिनहट, गोसाईंगंज, काकोरी, मॉल, मलीहाबाद, मोहनलालगंज, सरोजिनी नगर। पिछली बार राजनाथ सिंह ने यहां से रीता बहुगुणा जोशी को करीब दो लाख बहत्तर हजार मतों से हराया था। रीता बहुगुणा अब भाजपा की प्रदेश सरकार में मंत्री है। इस बार वह राजनाथ सिंह को जिताने में जोर लगाएगी।
चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले राजनाथ सिंह ने लखनऊ में एक लाख पच्चीस हजार करोड़ रुपये की लागत वाली अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। इनमें एक लाख दस हजार करोड़ रुपये लागत की पांच हजार नौ सौ बहत्तर किलोमीटर लंबी परियोजनाएं भी शामिल है। गोमती सहित पांच नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए चौदह शहरों का समावेश करने वाली एक हजार नौ सौ करोड रुपए की मल जल शोधन परियोजना का भी शिलान्यास व लोकार्पण किया।
राजनाथ ने कहा कि गडकरी ने विकास परियोजनाओं के लिए स्वीकृति देने में कभी भी विलंब नहीं किया और इनके लिए धन की कमी नहीं होने दी।
लखनऊ शहर में ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए तीन फ्लाईओवरो पर तेजी से काम चल रहा है जबकि चार और फ्लाईओवरो पर भी जल्दी ही काम शुरू होगा। उन्होंने बताया कि जानकीपुरम इलाके में एक ट्रामा सेंटर खोला जा रहा है, जिससे लखनऊ-सीतापुर रोड से जुड़े लोगों को आकस्मिक चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी। नितिन गडकरी ने बताया कि उनके अधीन मंत्रालयों के तहत उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख पच्चीस करोड़ रुपए की परियोजनाएं या तो पूरी की जा चुकी है या निर्माण के विभिन्न चरणों में है। इनमें से करीब तेरह हजार करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं सिर्फ लखनऊ में चलाई जा रही हैं। नमामि गंगे परियोजना के अधीन गोमती नदी की सफाई के लिए तीन सौकरोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं। जिन भी परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा और जनता के साथ विश्वासघात नहीं होगा।
प्रदूषण की मात्र तीस प्रतिशत की परियोजनाओं की पूरा होने पर प्रयागराज कुम्भ में निर्मल, स्वछ, प्रचुर जल उपलब्ध हुआ। जब सभी परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी तो क्या स्थिति होगी, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
राजनाथ सिंह लोगों के उत्साह से प्रभावित दिखाई दिए। उन्होंने केंद्र सरकार और लखनऊ लोकसभा के प्रतिनिधि रूप में अपने विचार प्रस्तुत किये। सरकार को उपलब्धियों को बताया, लखनऊ में हुए विकास कार्यो का विवरण दिया। इसके अलावा विपक्षी पार्टियों पर हमला करने में भी नहीं चूके। फिलहाल कहा जा सकता है कि राजनाथ को लखनऊ से बड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।






