आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे हार्दिक पटेल
नई दिल्ली, 27 मार्च। दिल्ली के रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का वजन तीन किलो तक घट गया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र की विषमताओं और केंद्र और राज्यों में लोकपाल की नियुकी जैसी मांगों को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। इस बीच गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अन्ना के आंदोलन में हिस्सा लेने से इनकार किया है।
उनके स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि उनके वजन में गिरावट आई है, हालांकि उनका रक्तचाप सामान्य है। अन्ना हजारे केंद्र और राज्यों में लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग कर रहे है। उनके ही आंदोलन के कारण लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम-2013 में बनकर तैयार हुआ था। केंद्र सरकार ने अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है। लोकायुक्त नियुक्त करने की मांग के अलावा हजारे इस बार सरकार से किसानों के लिए बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य की भी मांग कर रहे हैं।
उनकी मांग है कि किसानों के कृषि उपज की लागत के आधार पर डेढ़ गुना ज्यादा दाम मिले। उनकी मांगों में खेती पर निर्भर 60 साल से ऊपर उम्र वाले किसानों को प्रतिमाह 5 हजार रुपए पेंशन दिए जाना भी शामिल है। वहीं वह अपने आंदोलन में कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा तथा सम्पूर्ण स्वायत्तता दिए जाने और चुनाव सुधार के लिए सही निर्णय लिए जाने की बात कर रहे हैं। हार्दिक पटेल ने कहा कि उनका किसानों के हित में किए जा रहे किसी भी आंदोलन को पूरा समर्थन है। लेकिन वह अन्ना हजारे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने नहीं जा रहे हैं।







