लखनऊ, 23 मार्च 2019: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सन् 2019 के लोकसभा चुनाव देश की राजनीति में निर्णायक साबित होने वाले हैं। एक तरह से तो यह लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा के दिन हैं।
उन्होंने कहा कि इसमें मतदाताओं को जागरूकता के साथ मूलभूत मुद्दों से ध्यान हटाने के भाजपा के षडयंत्रों से सावधान रहना होगा। समाजवादी आंदोलन के प्रखर महानायक डाॅ. राममनोहर लोहिया की यह बात याद रखनी होगी कि जिंदा कौमें पांच साल तक इंतजार नहीं करती हैं।
नोटबंदी-जीएसटी के बाद नौकरियों में छंटनी:
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय महत्व के सवालों पर लड़े जाते हैं। पिछले पांच वर्षो में देश में बेरोजगारी बढ़ी है। नोटबंदी-जीएसटी के बाद नौकरियों में छंटनी हुई है और उद्योगधंधे बंद हुए हैं। बैंकों से जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे लूटकर कई उद्योगपति विदेश भाग गए। गरीब-अमीर के बीच की खाई कई गुना बढ़ गई है। मंहगाई का ग्राफ चढ़ता ही गया है। प्रधानमंत्री जी ने जनता से जो वादे किए थे वे पूरे नहीं हुए। भाजपा के संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) के संकल्प कागजों में ही लिखे रह गए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मतदाताओं पर इन चुनावों में बड़ी जिम्मेदारी है। यह तो सब जानते है कि प्रदेश से सर्वाधिक सांसद (80) चुने जाते हैं और दिल्ली के सिंहासन का रास्ता लखनऊ से होकर ही गुजरता है। भाजपा की संकीर्ण मानसिकता, झूठ और फरेब की राजनीति के मुकाबले समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन वैचारिक आधार पर बना है जिसका उद्देश्य लोकतंत्र, समाजवाद और सामाजिक सौहार्द के रास्ते की बाधाओं से पार पाना है।







