नई दिल्ली, 13 मार्च 2019: कहते है युद्ध तो पहले अपनों के बीच ही होता है। बता दें कि भाजपा में अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। साक्षी महाराज टिकट कटने को लेकर इस कदर डरे हैं कि उन्होंने धमकी भरे अंदाज में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय को पत्र लिख डाला। कहा कि अगर मुझे टिकट न मिला तो चुनाव में अच्छे परिणाम नहीं होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो साक्षी ने यह पत्र सात मार्च को लिखा था, लेकिन खुलासा मंगलवार को हुआ।
बता दें कि स्वहस्ताक्षरित पत्र में साक्षी महाराज ने क्षेत्र में जातीय समीकरणों का हवाला देते हुए कहा है कि पिछड़े वर्ग की नुमाइंदगी करने वाले पार्टी के वह इकलौते प्रतिनिधि हैं जबकि संसदीय क्षेत्र में लोधी, कहार, निषाद, कश्यप और मल्लाह समेत अन्य पिछड़ा वर्ग के वोटरों की तादाद करीब 10 लाख है। श्री साक्षी ने दावा किया है कि करीब डेढ़ दशक बाद पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने उन्नाव से पार्टी को जीत दिलायी थी। उनकी बदौलत ही आज जिले में भाजपा के छह विधायक और एक एमएलसी है। इनमें कोई भी ओबीसी का नहीं है।
धमकी भरे अंदाज में उन्होंने लिखा है कि यदि उनके सम्बन्ध में पार्टी कोई अन्य निर्णय लेती है तो इससे देश भर में भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं के आहत होने की पूरी संभावना है और इसका परिणाम सुखद नहीं होगा। मैंने पिछले पांच वषों में करोड़ों पये खर्च कर और दिन-रात एक कर जिले में पार्टी को मजबूत किया है। 2014 के चुनाव में मैंने तीन लाख 15 हजार वोटों से चुनाव में जीत दर्ज की थी। अगर इस बार भी मुझे टिकट दिया गया तो मैं चार से पांच लाख वोटों से जीत दर्ज करूंगा। वैसे भी वह अन्य किसी भी सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं। सांसद साक्षी महाराज के पत्र से उन्नाव में तो हड़कम्प है, इसके बाद भी यूपी भाजपा के शीर्ष नेता चुप्पी साधे हैं।






