हमारे पूर्वज कपि नहीं थे, चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत गलत हैं: सत्यपाल सिंह

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नई दिल्ली, 01 जुलाई। केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने डार्विन के सिद्धांत पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत गलत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज कपि नहीं थे। मैं विज्ञान का छात्र हूं और मैंने रसायन-शास्त्र में पीएचडी की है। मेरे खिलाफ बोलने वाले लोग कौन थे? और कितने लोगों ने मेरा साथ दिया? हमें इस पर मंथन करना चाहिए। हम प्रेस से डर जाते हैं। आज नहीं तो कल, कल नहीं तो 10-20 साल में, लोग मेरी कही गयी बातें स्वीकार करेंगे। कम से कम मेरा मानना है कि मेरे पूर्वज कपि (बंदर) नहीं थे।

एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में बागपत से सांसद और केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा, किसी अन्य व्यक्ति के नजरिये की निंदा करना वैज्ञानिक भावना नहीं है। इस पर सोचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव के क्रमिक विकास का चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में केंद्रीय विदेशों के 99 फीसदी विश्वविद्यालय हिंदू धर्म की गलत व्याख्या करते हैं।

बता दें, इससे पहले मुंबई के पुलिस आयुक्त रह चुके सिंह ने कुछ माह पूर्व मानव के क्रमिक विकास के चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत को गलत करार दिया था और कहा था कि स्कूलों एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रम में यह बदलाव नजर आने चाहिए। इस पर विभिन्न वर्गों ने सिंह की आलोचना की थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि उन्हें शिक्षित राजनेता होने पर गर्व है और देश का सौभाग्य है कि राष्ट्रवादी मानसिकता की एक राष्ट्रवादी सरकार शासन में है।

उन्होंने कहा कि विदेशों के 99 फीसदी विश्वविद्यालय हिंदू धर्म की गलत व्याख्या करते हैं, गलत अनुवाद करते हैं। सिंह ने कहा, मैं एक किताब लिख रहा हूं. इस पर एक अध्याय होगा। हम किसी पश्चिमी देश के व्यक्ति से मदद नहीं लेंगे। हम साक्ष्य और दस्तावेजी प्रमाण देंगे। उन्होंने कहा कि हम साबित करेंगे कि हम जो कह रहे हैं वह सही है।

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