लखनऊ, 5 अगस्त 2025: हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक और बहुमुखी कलाकार किशोर कुमार की 96वीं जयंती पर 4 अगस्त को लखनऊ के रवीन्द्रालय प्रेक्षागृह, चारबाग में ‘रंगभारती’ ने ‘एक शाम किशोर कुमार के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस रंगारंग समारोह में ‘सप्तरंग ऑर्केस्ट्रा’ ने किशोर कुमार के अमर गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन ‘रंगभारती’ की 1957 से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है, जो किशोर कुमार की स्मृति को जीवंत रखता है।’
सप्तरंग ऑर्केस्ट्रा’ के गायकों ने किशोर कुमार के चुलबुले और गंभीर गीतों का जादू बिखेरा। जमाल ने ‘देखो वीर जवानों’ और ‘ऐसे न मुझे तुम देखो’, कृष्ण कुमार ने ‘जिंदगी की यही रीत है’, रूपा तिवारी ने ‘मेरे नैना सावन-भादों’, और विजय थापा ने ‘सारेगामापा’ जैसे गीतों से दर्शकों को झुमा दिया। युगल गीतों में ‘कह दूं तुम्हें या चुप रहूं’ (जमाल-स्मृति) और ‘रिमझिम गिरे सावन’ (जमाल, कृष्ण कुमार, रूपा) ने खूब वाहवाही बटोरी। समूहगान ‘चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

ऑर्केस्ट्रा में गुड्डू श्रीवास्तव (पैड-सैंपलर), पवन (नाल-कांगो), सुजीत (कीबोर्ड), अनिल (स्पेनिश गिटार), अनूप (बेस गिटार), विकास (ड्रम), और सुनील वर्मा (तुम्बा-बांगो) ने शानदार संगत दी। कार्यक्रम का संचालन मशहूर हास्य कलाकार सुनील शान ने किया, जबकि अमित बिहारी ने हास्य प्रस्तुति से दर्शकों को हंसाया।
‘रंगभारती’ ने अपने पुराने हास्य कलाकार रवि सारस्वत को ‘रफीक बावरा रंगभारती सम्मान’ और गायक अनादि खरे को ‘रंगभारती कला सम्मान’ से नवाजा। समारोह में प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरि और भाजपा नेता सुधीर हलवासिया को भी सम्मानित किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अनुपस्थिति में उनके संदेश में किशोर कुमार की कला और ‘रंगभारती’ के प्रयासों की सराहना की गई।
‘रंगभारती’ 64 वर्षों से कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। इसके हास्य कवि सम्मेलन और ‘सप्तरंग ऑर्केस्ट्रा’ के आयोजन देशभर में प्रसिद्ध हैं। संस्था गायन, नृत्य और मॉडलिंग प्रतियोगिताओं के जरिए नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती है।






