मुंबई, 6 जून 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए तीन बड़े फैसले लिए। रेपो दर में 50 आधार अंकों (BPS) की कटौती, कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में 100 BPS की कमी, और नीति के रुख को ‘एकॉमोडेटिव’ से ‘न्यूट्रल’ करने का निर्णय लिया गया।
50 BPS की रेपो दर कटौती बाजार की 25 BPS की उम्मीद से अधिक है, जिसका मकसद वैश्विक अनिश्चितताओं और नरम महंगाई के बीच आर्थिक वृद्धि को समर्थन देना है। CRR कटौती से बाजार में ₹8 लाख करोड़ का नकदी अधिशेष होने का अनुमान है। हालांकि, न्यूट्रल रुख ने बाजार के उत्साह को कुछ ठंडा किया, क्योंकि भविष्य के फैसले अब डेटा पर निर्भर होंगे।
सिद्धार्थ चौधरी, प्रमुख,फिक्स्ड इनकम, बजाज फिनसर्व AMC, ने कहा, “हमने 50 BPS कटौती की संभावना जताई थी। यह अल्पकालिक और मध्यम अवधि के बॉन्ड्स के लिए सकारात्मक है, लेकिन दीर्घकालिक बॉन्ड्स में मुनाफावसूली हो सकती है।”
RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई अनुमान को 4% से घटाकर 3.7% किया, जिससे वास्तविक ब्याज दर 1.8% रह गई, जो अभी भी ऊंची है। आगे रेपो दर में कटौती तभी संभव है, जब महंगाई अनुमान और कम हो। यह नीति अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने में मदद करेगी।







