नई दिल्ली, 18 जनवरी। दिल्ली के लाल किले के भीतर भारतीय सेना द्वारा बनाए 140 निर्माणों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तोड़ेगा। इन निर्माणों के कारण लाल किले की खूबसूरती कम होती जा रही है। निर्माणों को हटाने का काम दो चरण में पूरा होगा। पहले फेज में 70 निर्माण तोड़े जाएंगे।
इसके लिए एएसआई ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा लाल किला परिसर में अंग्रेजों के जमाने की बनी इमारतों में वर्षों से ताले में बंद कबाड़ की नीलामी भी होगी। एएसआई सौ साल पहले अंग्रेजों द्वारा बनाई गईं सभी इमारतों को भी संरक्षित करेगा। इनमें से दो इमारतों में संग्रहालय स्थानांतरित किए जाएंगे।
मुगल शासक शाहजहां ने 1638 में लाल किले का निर्माण शुरू कराया था। यह 9 साल में पूरा हुआ। 1857 में हुए स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया था। 1947 में देश की आजादी के बाद एक भाग में भारतीय सेना को जगह दी गई।
एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि लाल किले में मौजूद ऐसी इमारतें अब गिराई जाएंगी, जिनकी उम्र 100 साल से कम है। साथ ही भारतीय सेना द्वारा कराए गए निर्माण को भी तोड़ा जाएगा। इसके अलावा पंप हाउस, टॉयलेट ब्लॉक, गाड़ियों की शेडिंग, स्टोर आदि भी तोड़े जाने वाले ढांचों में शामिल हैं।







