गोवा, जो अपनी खूबसूरत समुद्र तटों और पर्यटन के लिए जाना जाता है, आजकल पर्यटकों के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। रेंटल बाइक और कैब सेवाओं को लेकर स्थानीय ऑपरेटरों की गुंडागर्दी ने न केवल पर्यटकों का मनोबल तोड़ा है, बल्कि राज्य की छवि को भी धूमिल कर दिया है। हाल ही में अहमदाबाद की एक महिला पर्यटक के साथ जो घटना घटी, वह बेहद संवेदनशील और खतरनाक है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है और लोग सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या हुआ था उस महिला के साथ?
17 सितंबर 2025 को दक्षिण गोवा के बेटालबटिम स्थित एक रिसॉर्ट के बाहर यह घटना घटी। महिला ने एयरपोर्ट जाने के लिए ऐप के जरिए कैब बुक की। जैसे ही कैब रिसॉर्ट के पास पहुंची, स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों ने ड्राइवर को घेर लिया। उन्होंने कैब को आगे बढ़ने नहीं दिया, ड्राइवर को धमकाया और महिला को गाली-गलौज करते हुए रोक लिया। बारिश हो रही थी, महिला के पास भारी सामान था, लेकिन उन्हें मजबूरन 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें कहा, “यहां बहुत गुंडागर्दी है। साउथ गोवा में टैक्सी वाले 1500-1800 रुपये का किराया 3500-4000 वसूलते हैं और ऐप कैब बुक करने पर मारपीट करते हैं। होटल ने भी मदद नहीं की।” महिला ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत को टैग करते हुए शिकायत की और सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस वीडियो को हजारों लोग देख चुके हैं। लोकल न्यूज चैनल “इन गोवा 24×7” ने इसे शेयर करते हुए लिखा, “एक छुट्टी का सपना कब बुरे सपने में बदल गया… साउथ गोवा में एक महिला पर्यटक को कैब ऑपरेटरों ने रोका, परेशान किया और बारिश में सामान के साथ मीलों पैदल चलने को मजबूर कर दिया।” “हराल्ड गोवा” ने भी रिपोर्ट किया कि महिला ने पुलिस और रिसॉर्ट स्टाफ की ओर से कोई मदद न मिलने पर निराशा जताई।
पुलिस की कार्रवाई शुरू
घटना वायरल होने के बाद कोलवा पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। 18 सितंबर को तीन टैक्सी ड्राइवर्स के खिलाफ FIR दर्ज की गई। मारगाव के डिप्टी एसपी सिद्धांत शिरोडकर ने बताया कि पुलिस ने महिला से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करने को कहा, ताकि जांच तेज हो सके। ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (TTAG) ने भी बयान जारी कर घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, “ऐसे एंटी-टूरिज्म तत्वों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। टैक्सी सेक्टर में सुधार जरूरी है, लंबे समय से पेंडिंग एग्रीगेटर गाइडलाइंस जारी हों।” TTAG ने महिला से माफी मांगी और दोषियों से तुरंत माफी की मांग की।
सोशल मीडिया पर बहस: सिर्फ गोवा नहीं, पूरे देश की समस्या
यह घटना गोवा तक सीमित नहीं है। एक्स यूजर्स इसे राष्ट्रीय मुद्दा बता रहे हैं। अखिलेश त्रिपाठी ने लिखा, “पिछले कुछ समय से गोवा ही नहीं, देश के सभी पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों/श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। चाहे गोवा हो, जयपुर, राजस्थान के अन्य शहर हों या उत्तर प्रदेश के वृंदावन, मथुरा, अयोध्या, काशी या मिर्जापुर सभी जगह ये आम होती जा रही हैं।”
आयुष चौधरी ने कहा, “कैब और बाइक टैक्सी की समस्या कई पर्यटन स्थलों पर गोवा जैसी ही है। ऑनलाइन सर्विसेज को स्थानीय टैक्सी माफिया ऑपरेट करने की अनुमति नहीं देते, ज्यादा पैसे वसूलते हैं और बदतमीजी भी करते हैं।”
अतुल सिंह ने मांग की, “ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
गोवा टीवी न्यूज ने टैग करते हुए लिखा, “महिला पर्यटक को नानू बीच रिसॉर्ट के बाहर टैक्सी यूनियन ने परेशान किया। थ्रेट दी, 5 किमी पैदल चलने को मजबूर किया। होटल ने मदद नहीं की, पुलिस निष्क्रिय।” द गौन ने भी वीडियो शेयर कर टूरिज्म मिनिस्ट्री और गोवा पुलिस को टैग किया।
व्यापक समस्या: पर्यटन पर ‘देहातीवाद’ का साया
बता दें कि यह पहली घटना नहीं है। 2025 में गोवा में पर्यटकों से जुड़े 1000 से ज्यादा उल्लंघन दर्ज हो चुके हैं, जिनमें आधे से ज्यादा लिटरिंग और उत्पीड़न से संबंधित। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, “देहातीवाद” पर्यटन को बर्बाद कर रहा है ,चाहे गोवा हो या मनाली, कसोल, ऋषिकेश। महिलाओं का पीछा करना, फिल्मिंग और कैटकॉलिंग आम हो गया है।
एक अन्य घटना में, फरवरी 2025 में MOPA एयरपोर्ट पर एक पर्यटक के साथ टैक्सी माफिया ने मारपीट की और कार की चाबी छीन ली। अगस्त में हैदराबाद के एक दंपति को पणजी बस स्टैंड के पास बाइक रेंटल विवाद में पीटा गया।
गोवा छोटा राज्य है, जहां पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसी घटनाएं न केवल पर्यटकों को दूर भगाएंगी, बल्कि राज्य की पहचान को भी मिटा देंगी। TTAG की मांग सही है- टैक्सी रिफॉर्म्स और सख्त कानून जरूरी हैं। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और पुलिस इस पर तुरंत एक्शन लेंगे, ताकि गोवा फिर से सुरक्षित स्वर्ग बने।
यदि आप भी गोवा घूमने जा रहे हैं, तो सतर्क रहें: ऐप कैब बुक करें, लेकिन लोकल यूनियनों से टकराव से बचें। और हां, ऐसी घटनाओं की शिकायत जरूर करें! साइलेंस ही माफिया को ताकत देता है।






