रोहिणी घावरी की स्विट्जरलैंड में जहर सेवन की खबर: चंद्रशेखर आजाद पर यौन शोषण के आरोपों का नया अध्याय
जिनेवा/नई दिल्ली, 24 सितंबर 2025: यूपी की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद (रावण) पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाने वाली पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने आज स्विट्जरलैंड के जिनेवा में कथित तौर पर जहर खा लिया। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, लेकिन अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रोहिणी ( chandrashekhar Vs rohni ghavri ) के करीबी सूत्रों और एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट्स के अनुसार, उन्होंने चंद्रशेखर के नाम पर यह कदम उठाया, जो जून से चले आ रहे विवाद का चरम बिंदु लगता है।
रोहिणी घावरी, जो इंदौर (मध्य प्रदेश) की रहने वाली हैं और वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखती हैं, ने 2019 में मध्य प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति पर स्विट्जरलैंड जाकर पीएचडी शुरू की। पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात चंद्रशेखर आजाद से हुई, जो भीम आर्मी के संस्थापक हैं। दोनों के बीच 2021 से रिलेशनशिप चली, जिसमें रोहिणी ने चंद्रशेखर के सामाजिक अभियानों में सक्रिय सहयोग किया। लेकिन 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान रोहिणी को चंद्रशेखर के पहले से शादीशुदा होने की जानकारी मिली, जिसके बाद रिश्ता टूट गया।
http://देखें रोहिणी का बयान : -https://x.com/i/status/1970866007108681739
आरोपों का सफर: शिकायत से सुसाइड धमकी तक जून 2025:

रोहिणी ने एक्स पर चंद्रशेखर पर शादी का झांसा देकर तीन साल तक यौन शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उन्हें अविवाहित बताकर दिल्ली के होटलों और अपने द्वारका स्थित घर पर बुलाया और शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, रोहिणी ने खुद को ‘विक्टिम नंबर 3’ बताया और जाटव समुदाय की अन्य लड़कियों के शोषण का भी जिक्र किया। व्हाट्सऐप चैट्स और वीडियो साक्ष्य शेयर किए।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का हस्तक्षेप: 23-24 जून को NCW ने रोहिणी की शिकायत दर्ज की और जांच शुरू करने का आदेश दिया। आयोग ने मामले की गंभीरता बताते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। रोहिणी ने कहा, “चंद्रशेखर ने मेरी वफादारी और विश्वास का शोषण किया।”
दिल्ली पुलिस पर आरोप: रोहिणी ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप से FIR रुकवा दी। उन्होंने 4 सितंबर को एक्स पर पोस्ट किया, “अगर बीजेपी इसकी सपोर्ट में खड़ी नहीं होती तो मैं इसे कायर साबित कर देती।” 16 सितंबर को NCW से फिर अपील की, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई।
सुसाइड धमकियां बढ़ीं: 22 सितंबर को रोहिणी ने पीएम नरेंद्र मोदी को टैग कर पोस्ट किया, “आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा कलंक होगा जब एक दलित बेटी UN मंच से जीवन समाप्त करेगी।” उन्होंने कहा कि सिस्टम ताकतवरों की सुनता है, पीड़ितों की नहीं। आज सुबह ही एक्स पर पोस्ट की, “चंद्रशेखर के नाम पर जहर खा लूंगी।”
आज की घटना: जहर सेवन की अफवाहेंएक्स पर कई यूजर्स ने पोस्ट किया कि रोहिणी ने जिनेवा में जहर खा लिया है। एक पोस्ट में लिखा, “रोहिणी घावरी ने स्विट्जरलैंड में चंद्रशेखर आजाद के नाम का जहर खा लिया।” एक अन्य ने कहा, “दिल्ली में FIR नहीं लिखी गई, इसलिए यह कदम।” हालांकि, कुछ यूजर्स ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताया, क्योंकि रोहिणी के अकाउंट से अब कोई अपडेट नहीं आया। स्विस स्थानीय मीडिया या अस्पताल से कोई पुष्टि नहीं मिली।
रोहिणी के वकील ने कहा, “हम भारत लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब स्थिति गंभीर है।”
चंद्रशेखर का पक्ष
चंद्रशेखर आजाद ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जून में मीडिया से बातचीत में कहा, “यह राजनीतिक साजिश है। मैं अदालत में ही जवाब दूंगा।” भीम आर्मी समर्थक रोहिणी को ‘ब्लैकमेलर’ बता रहे हैं। सांसद बनने के बाद ही आरोप लगने से सवाल उठे हैं कि क्या यह सत्ता से जलन का नतीजा है?
राजनीतिक रंगमामला अब सियासी रंग ले चुका है। विपक्ष (कांग्रेस, SP) ने BJP पर ‘दलित बेटी को न्याय न देने’ का आरोप लगाया। BJP ने चुप्पी साधी है, लेकिन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने चंद्रशेखर से सफाई मांगी। रोहिणी ने UNHRC के 60वें सेशन का हवाला देकर कहा, “दुनिया देखेगी कि भारत में बेटियां कितनी सुरक्षित हैं।”
जांच की स्थिति: NCW जांच जारी रखेगी। दिल्ली पुलिस पर दबाव बढ़ा है।
फिलहाल रोहिणी की हालत पर कोई आधिकारिक बयान नहीं। उनके परिवार ने संपर्क नहीं किया।
बता दें कि यह घटना महिलाओं के खिलाफ शोषण और न्याय प्रक्रिया की कमियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तत्काल काउंसलिंग और कानूनी सहायता जरूरी।
फिलहाल यह विवाद एक प्रेम प्रसंग से शुरू होकर राष्ट्रीय बहस बन चुका है। रोहिणी की जिंदगी पर सवाल लटके हैं – क्या न्याय मिलेगा या यह सिलसिला थमेगा? अपडेट्स के लिए बने रहें।







