वातानुकूलित घर

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मुंडेर
खपड़ा
ओसारा
दालान
आंगन
बखारी
ताखा
भड़सार आदि उसके हिस्से थे।
गेस्ट रूम
डाइनिंग टेबल आदि नही थे।
चौका में पीढ़ा पर बैठकर भोजन
चाय की जगह रस भुजा भेली।।।
हमने तरक्की कर ली एक थाली में दो भाइयों का भोजन अब बैकवर्ड नेस है।।
– बोले चिरइया, अरुण तिवारी की वॉल से

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