लखनऊ, 1 जनवरी 2019: रंगकर्मी सफदर हाशमी की 30 वी बरसी पर पटेल पार्क में अमुक आर्टिस्ट ग्रुप के कलाकारों ने जनगीतों पोस्टर प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक के जरिए सफदर को याद करते हुए 90 के दशक की याद दिला दी।
आयोजन स्थल पर सफदर को याद करते हुए वरिष्ठ कला समीक्षक राजवीर रतन ने कहा कि यह दौर सांस्कृतिक मोर्चे पर चुनौतियों का है, और इसकी भरपाई एक वृहद सांस्कृतिक आंदोलन के जरिए ही हो सकती है। आज असली बुद्धिजीवी खामोश हो गया है और तथाकथित बुद्धजीवी वर्ग सत्ता की चाटुकारिता में लगा है। नहीं तो आज भी 30 बरस पहले की तरह एकजुट कलाकार, पत्रकार लेखक वर्ग ‘सफदर हाशमी के हत्यारों, हमसब सफद र हमको मारो’ जैसे नारों को जरूर दोहराता। इसी क्रम में वरिष्ठ विचारक कामरेड केके शुक्ला ने कहा की सफदर को याद करने का मतलब नुक्कड़ नाटक आन्दोलन की एक नयी जमीन तैयार करना है।
जनगीत ‘चल आंधी चल अंधर चल’ गाने के बाद कलाकारों ने वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल मिश्रा गुरुजी द्धारा लिखित और निर्देशित नाटक ’राजा बोलेगा’ का मंचन किया अलोकतांत्रिक, जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ नाटक आम जनता है आह्वान करता है कि वह इस व्यवस्था को ध्वस्त कर एक नयी व्यवस्था का आगाज करे।
नाटक में मुख्य रूप में वत्सल त्रिपाठी, ज्योति पांडेय, स्पर्श सोनकर, सूर्या, तनय , कबीर खान, एवं देवेन्द्र सिंह शेखावत ने विभिन्य किरदारों को जीवन्त किया नाटक का संगीत सन्तोष शर्मा का था। आयोजन स्थल पर मुख्य रूप से मोहम्मद हैदर, धरम श्री सिंह, कंवलजीत सिंह, दबीर सिद्दीकी, अशोक सिंह, अनूप, रवि मोहन त्रिवेदी, अभय गुप्ता, अभिनीत जैन मोनू, अनूप मिश्र, अंशुमान दीक्षित, अरशद अमीन, नितेश कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।







2 Comments
If some one wishes expert view on the topic of running a blog after that i suggest him/her to
pay a visit this website, Keep up the pleasant work. https://no8rejuvenationserum.com/
If some one wishes expert view on the topic of running a blog after that i suggest him/her to pay a
visit this website, Keep up the pleasant work. https://no8rejuvenationserum.com/