लखनऊ, 09 मई 2019: विद्वत परिषद, के जी मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा सेल्बी हाल में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव एवं राष्ट्र धर्म की चुनोतियाँ, विकल्प पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो एम एल बी भट्ट उपस्थित थे। संगोष्ठी का उदघाटन अतिथि डॉ एस सी तिवारी, डॉ आर के मिश्र ने दीप प्रज्वलित करके स्वस्तिवाचन के साथ की। तथा भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया गया एवम सभी ने पुष्पांजलि समर्पित कर श्रद्धा पूर्वक नमन किया
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो आर के मिश्र जी ने कहा की भगवान परशुराम जी का क्रोध सात्विक था जो कि समाज और राष्ट्र के भले के लिए हैं। भगवान परशुराम जी कल्पांगी है। इसका मतलब है कि वो आज भी पृथवी पर विद्यमान है और अरबो वर्षो तक रहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्र की तुलना आत्मा से करते हुए कहा जिस प्रकार आत्मा के बगैर शरीर का कोई मोल नही उसी प्रकार संस्कृति के बगैर राष्ट्र की परिकल्पना नही की जा सकती।
इस अवसर पर प्रो संदीप तिवारी ने कहा कि ईमानदारी पूर्वक कर्तव्य करना राष्ट्र धर्म है। प्रो मनीष बाजपेई ने कहा राष्ट्र के उत्थान में युवाओं को की भूमिका को प्रभावी बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ सौरभ पालीवाल डॉ समीर मिश्र, डॉ सुनीत मिश्रा, डॉ दिवाकर पांडेय मौजूद रहे।







