मैंने अपनों से मिलना छोड़ दिया है

0
509

थोडा थक गया हूँ …
दूर निकलना छोड़ दिया है….!
पर ऐसा नहीं है कि ….
मैंने चलना छोड़ दिया है ….!!

फासले अक्सर रिश्तों में ….
दूरी बढ़ा देते हैं. . . . . . !
पर ऐसा नही है कि
मैंने अपनों से मिलना छोड़ दिया है…!!

हाँ . . . ज़रा अकेला हूँ ….
दुनियाॅ की इस भीड़ में. . . . !
पर ऐसा नही कि
मैंने अपनापन छोड़ दिया है ….!!

याद करता हूँ अपनों की….
परवाह भी है मन में. . . . !
बस, कितना करता हूँ ….
ये बताना छोड़ दिया है. . . .!!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here