आत्मरक्षा, योग और नाट्य के जरिए दिखाया सशक्त व्यक्तित्व
लखनऊ। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर प्रयास नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में सफलतापूर्वक पूरा हुआ। 22 जून से 29 जून 2026 तक चली सात दिवसीय आत्मरक्षा, योग एवं नाट्य प्रशिक्षण कार्यशालाओं का भव्य समापन समारोह आज गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
कार्यशालाओं का लक्ष्य छात्राओं में आत्मविश्वास, आत्मरक्षा, अनुशासन, चरित्र निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करना था। अहिल्याबाई होल्कर संस्कृतिक क्लब के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक अनुकरणीय कदम साबित हुआ।
समापन समारोह की प्रमुख बातें
- अध्यक्षता: प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय
- विशिष्ट अतिथि: प्रो. गीताली रस्तोगी, प्रो. रिचा शुक्ला एवं प्रो. मंजुला यादव
प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि संस्कार, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व जगाना है। अहिल्याबाई होल्कर की तरह छात्राएं भी नेतृत्व करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं।”
छात्राओं का शानदार प्रदर्शन
योग कार्यशाला: योगाचार्य प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में छात्राओं ने स्वस्थ व संतुलित जीवन का संदेश दिया।
आत्मरक्षा कार्यशाला: राष्ट्रीय प्रशिक्षक सुधीर कुमार शर्मा के निर्देशन में छात्राओं ने साहस और सुरक्षा की तकनीकें प्रदर्शित कीं।
नृत्य-नाट्य: कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा। छात्राओं ने अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, न्यायप्रियता, राष्ट्रसेवा और सनातन संस्कृति संरक्षण पर आधारित भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुति दी, जिसने सबको भाव-विभोर कर दिया।
विशेष सम्मान
सभी प्रशिक्षणों में भाग लेने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सेवानिवृत्त हो रही प्रोफेसरों और ऑफिस सेक्रेटरी रजनी सक्सेना (30 जून 2026) के योगदान की सराहना की गई। समारोह में पौधारोपण भी किया गया।
संयोजक: प्रो. सीमा पाण्डेय (शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष)
नाट्य निर्देशन: श्री अनमोल (काव्योम फाउंडेशन) एवं श्री मानस वाजपेयीयह कार्यशाला न सिर्फ छात्राओं के व्यक्तित्व विकास का माध्यम बनी, बल्कि अहिल्याबाई होल्कर जैसे महान व्यक्तित्व को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास साबित हुई।







