रस्में और रिवाज वही है, कर्ज वही है, ब्याज वही है

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तख्त वही है ताज वही है
देश वही है,राज वही है
अब तक सूरज चांद वही है
लेकिन तेरा नाम नहीं है

अब तक लूटमार वैसी की वैसी होती है
लेकिन जनता और किसी के नाम को रोती है
रस्में और रिवाज वही है
कर्ज वही है, ब्याज वही है
अब तक सूरज चांद वही है
लेकिन तेरा नाम नहीं है

भूल गये जो कभी उठाते थे तेरे जूते
कौन जिया है इतिहासों में चमचों के बूते
अब तक चमचावाद वही है
कोढ वही है,खाज वही है
अब तक सूरज चांद वही है
लेकिन तेरा नाम नहीं है

  • वीरेंद्र जैन

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