भगवा पहनकर बाबा तू राज कर रहे हो,
लेकिन वह गलत है, जो तूं आज कर रहे हो।।
बताओ बाबा, इसी भगवा में लिपट गये तिवारी,
तेरी पुलिस, तेरी ही आज दुनिया है सारी।
फिर भी सुरक्षा में कैसे हुई चूक,
मारा गया लाल, क्या थी पुलिस के पास लाचारी।।
मां चिल्ला-चिल्लाकर बुलाती रह गयी तुझको,
आखिर उनके घर क्यों नहीं जा रहे हो।
बाबा वह गलत है, जो तुम आज कर रहे हो।
आखिर तू ही बताओ, जब पहले से ही
था जान जाने का अंदेशा।
तिवारी ने सुरक्षा बढ़ाने का भी
तुझको भेजा संदेशा।
फिर भी तेरी पुलिस इतनी लापरवाह
क्यों बनी रही।
यू कहें कि इस घटना के पीछे कहीं
परिवार का अंदेशा तो नहीं है सही।
तिवारी के मरने के बाद भी
परिवार का दुख नहीं हर रहे हो
बाबा, वह गलत है जो तूं आज कर रहे हो।
- उपेंद्र नाथ राय







