Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 21
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»साहित्य

    जैसे एक युग बीत गया गीतों का

    By July 19, 2018 साहित्य 3 Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 755
    दयानन्द पांडेय
    जैसे एक युग बीत गया है, गीतों का। स्वप्न झरे फूल से, मीत चुभे शूल से गीत की ही तरह नीरज अब स्मृति-शेष हो गए हैं । नीरज और उन के गीतों का कारवां गुज़र गया है । गीतों को जो लय, मिठास, मादकता और बहार नीरज ने दी है, वह अनूठी है। खुल्लमखुल्ला जो रंगीन जीवन उन्हों ने जिया, वह क्या कोई जिएगा। रजनीश जैसे लोगों ने नीरज के तमाम गीतों पर प्रवचन दिए हैं।
    हिंदी फिल्मों में जो गीत उन्हों ने लिखे, जो मादकता और जो तबीयत उन्हों ने परोसी है, वह अविरल है, अनूठी है । वह बताते थे कि एक बार राजकपूर ने एक गीत में कुछ बदलने पर हस्तक्षेप किया तो उन्हों ने राज कपूर को डांटते हुए कहा कि देखो, तुम अपनी फील्ड के हीरो हो , मैं अपनी फील्ड का हीरो हूं । तुम अपना काम करो , मुझे अपना काम करने दो। और राज कपूर चुप हो कर उन की बात मान गए थे । एक समय एस डी वर्मन जैसे संगीतकारों से भी नीरज टकरा गए थे। देवानंद दो ही गीतकारों पर मोहित थे । एक साहिर लुधियानवी , दूसरे नीरज। ओमपुरी पहली बार जब लखनऊ में नीरज से मिले तो पूरी श्रद्धा से उन के पांव पकड़ कर लेट गए थे। यह उन के गीतों का जादू था ।
    ओमपुरी उन के गीतों की मादकता पर ही मर मिटे थे । हम भी उन के गीतों पर न्यौछावर हैं। जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना, अंधेरा धरा पर कहीं रह न जाए जैसे आशावादी गीत रचने वाले नीरज आत्मा का गीत लिखते थे। औरतों और शराब में डूबे रहने वाले नीरज ने आध्यात्मिक गीत भी खूब लिखे हैं। रजनीश के अलावा बुद्ध से वह बहुत गहरे प्रभावित थे । बीमारी की जकड़न और 93 साल की उम्र में भी उन का जाना शूल सा चुभ रहा है। उन का एक सदाबहार गीत आज उन्हीं पर चस्पा हो गया है । और हम लुटे-लुटे उसे याद करने के लिए विवश हो गए हैं क्यों कि नीरज का कारवां तो आज सचमुच गुज़र गया है , बस उन की यादों का गुबार रह गया है :
    स्वप्न झरे फूल से,
    मीत चुभे शूल से,
    लुट गए सिंगार सभी बाग के बबूल से,
    और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे।
    कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे!
    नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गई,
    पाँव जब तलक उठें कि ज़िन्दगी फिसल गई,
    पात-पात झर गए कि शाख़-शाख़ जल गई,
    चाह तो निकल सकी न, पर उमर निकल गई,
    गीत अश्क बन गए,
    छंद हो दफन गए,
    साथ के सभी दिए धुआँ-धुआँ पहन गए,
    और हम झुके-झुके,
    मोड़ पर रुके-रुके,
    उम्र के चढ़ाव का उतार देखते रहे।
    कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे।
    क्या शाबाब था कि फूल-फूल प्यार कर उठा,
    क्या सुरूप था कि देख आइना सिहर उठा,
    इस तरफ़ ज़मीन और आसमाँ उधर उठा
    थाम कर जिगर उठा कि जो मिला नज़र उठा,
    एक दिन मगर यहाँ,
    ऐसी कुछ हवा चली,
    लुट गई कली-कली कि घुट गई गली-गली,
    और हम लुटे-लुटे,
    वक़्त से पिटे-पिटे,
    साँस की शराब का खुमार देखते रहे।
    कारवाँ गुजर गया, गुबार देखते रहे।
    हाथ थे मिले कि जुल्फ चाँद की सँवार दूँ,
    होंठ थे खुले कि हर बहार को पुकार दूँ,
    दर्द था दिया गया कि हर दुखी को प्यार दूँ,
    और साँस यों कि स्वर्ग भूमि पर उतार दूँ,
    हो सका न कुछ मगर,
    शाम बन गई सहर,
    वह उठी लहर कि दह गए किले बिखर-बिखर,
    और हम डरे-डरे,
    नीर नयन में भरे,
    ओढ़कर कफ़न, पड़े मज़ार देखते रहे।
    कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे!
    माँग भर चली कि एक, जब नई-नई किरन,
    ढोलकें धुमुक उठीं, ठुमुक उठे चरन-चरन,
    शोर मच गया कि लो चली दुल्हन, चली दुल्हन,
    गाँव सब उमड़ पड़ा, बहक उठे नयन-नयन,
    पर तभी ज़हर भरी,
    गाज एक वह गिरी,
    पोंछ गया सिंदूर तार-तार हुईं चूनरी,
    और हम अजान-से,
    दूर के मकान से,
    पालकी लिए हुए कहार देखते रहे।
    कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे।

    #gopal das neraj

    Keep Reading

    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    "Books focus the mind and connect it with traditions" - Brajesh Pathak; Isha-Misha Ratan's Kathak performance captivated the audience

    ‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन

    A Grand Gathering of Books: 23rd 'National Book Fair' to be Held in Lucknow Starting October 1st

    किताबों का महाकुंभ: लखनऊ में 1 अक्टूबर से सजेगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’

    Union with Emptiness

    शून्यता से मिलन

    Grand launch of two new works by Dr. Vidyasagar Upadhyay on Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो नई कृतियों का भव्य लोकार्पण

    3 Comments

    1. minecraft on October 4, 2018 2:04 pm

      Hi my friend! I want to say that this article is awesome,
      great written and come with almost all important infos. I would
      like to peer extra posts like this .

      Reply
    2. minecraft on October 5, 2018 12:02 am

      Nice post. I learn something new and challenging on websites I stumbleupon every day.

      It’s always interesting to read articles
      from other authors and use something from other websites.

      Reply
    3. minecraft on April 5, 2019 6:08 pm

      You’re so interesting! I don’t think I’ve read through a single thing like this before.
      So nice to discover somebody with a few genuine thoughts on this issue.
      Seriously.. thanks for starting this up. This site is something that is required on the web,
      someone with some originality!

      Reply
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Sonbhadra: Ash from the Anpara Thermal Plant is being brazenly discharged into the Rihand Dam, in blatant violation of NGT orders.

    सोनभद्र: रिहंद डैम में धड़ल्ले से बहाई जा रही अनपरा थर्मल प्लांट की राख, NGT के आदेशों का हो रहा खुला उल्लंघन

    October 18, 2026
    Promotional song 'Jaise Radhe Krishna' from the film 'Darkaar' released; Raja Guru's powerful style grabs attention.

    फिल्म ‘दरकार’ का प्रमोशनल सॉन्ग ‘जैसे राधे कृष्णा’ रिलीज, राजा गुरु के दमदार अंदाज ने खींचा ध्यान

    October 18, 2026
    Lucknow Journalist Association meeting in Bahraich: Discussions held on organizational expansion and journalist unity

    बहराइच में लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन की बैठक: संगठन विस्तार और पत्रकारों की एकजुटता पर हुआ मंथन

    October 18, 2026
    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    October 18, 2026
    JUST CORSECA enters the home entertainment market: Launches affordable smart projectors

    होम एंटरटेनमेंट बाजार में JUST CORSECA की एंट्री: लॉन्च किए किफायती स्मार्ट प्रोजेक्टर

    October 18, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading