Thanks Akhilesh For Metro… लेकिन क्रेडिट तो लोग अखिलेश को ही दे रहे हैं !

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‘ फिर भी आज जिस हालत में मेट्रो रेल दौड़ी है उस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रत्येक स्थिति में श्री अखिलेश यादव को ही जाता है। इस मौके पर उनकी नामौजूदगी सभी को खल रही थी ‘


लखनऊ 5 सितम्बर। समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि भाजपा की राज्य सरकार ने आज लखनऊ में मेट्रो रेल का दुबारा उद्घाटन कर एक नयी भ्रामक राजनीति की परम्परा की शुरूआत कर दी है। एक दिसम्बर 2016 को समाजवादी सरकार के मुखिया श्री अखिलेश यादव ने मेट्रो रेल का ट्रायल रन कराया था। आज जब 8 महीने की देरी से मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक चली तो लोग यह देखकर हैरत में पड़ गए कि श्री अखिलेश यादव काम पर भाजपा नेता अपनी उपलब्धि का स्टीकर लगा रहे हैं। लोग नारा लगा रहे थे कि ‘‘काम किसी का, नाम किसी का, नही चलेगा, नही चलेगा‘‘।

मेट्रो रेल चली तो लोगों को विश्वास ही नही हुआ कि इसमें अखिलेश जी नही है। पर जब वे नहीं दिखे, अजनबी चेहरे उसमें बैठे मिले तो बहुतों को घोर निराशा हुई। बच्चे पूछ रहे थे इसमें अखिलेश अंकल क्यों नहीं बैठे है? महिलाओं की आंखे छलक पड़ी। राजनीति में इतनी संकीर्णता दिखेगी किसे विश्वास था? आज लखनऊ विश्वविद्यालय के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने ‘‘Thanks Akhilesh For Metro‘‘ मवैया मेट्रो स्टेशन से चारबाग तक पैदल मार्च कर धन्यवाद किया। इनमें श्री अनिल यादव ‘ मास्टर‘, सुश्री पूजा शुक्ला, हर्ष वशिष्ठ शामिल रहे।

किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि लखनऊ में मेट्रो रेल लाने की पहल किसने की है? तब मुख्यमंत्री अखिलेश जी ने मेट्रोमैन इंजीनियर श्रीधरन को आमंत्रित कर इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इस ऐतिहासिक सच्चाई को झुठला नही सकता कि श्री यादव को इसका श्रेय जाता है यह भी एक रिकार्ड रहेगा कि उन्होंने इस परियोजना को 2 वर्ष के समय में ही पूरा कर दिया था। अगर केन्द्र सरकार एनओसी तथा दूसरी मदद करने में 5 महीने का विलम्ब नहीं लगाती तो यह मेट्रो अब तक कभी भी पटरियों पर दौड़ती होती। फिर भी आज जिस हालत में मेट्रो रेल दौड़ी है उस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रत्येक स्थिति में श्री अखिलेश यादव को ही जाता है। इस मौके पर उनकी नामौजूदगी सभी को खल रही थी।

अभी कल ही तमाम कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने मिलकर राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल सुविधा प्रदान करने के लिए मेट्रो रेल के स्टेशनों के बाहर श्री अखिलेश यादव के प्रति आभार का प्रदर्शन किया था। भाजपा सरकार श्री अखिलेश यादव के प्रति जनता के उमड़ते प्रेम और समर्थन से शायद इतना सहम गई कि उसने मेट्रो संचालन के दिन आज समाजवादी युवा नेताओं को हिरासत में लेकर बाहर निकलने नहीं दिया। कई नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। भाजपा का यह अलोकतांत्रिक आचरण हैं। भाजपा यह नहीं भूले कि वह प्रपंच से जनता को सदैव बरगलाती नहीं रह सकेगी। भाजपा की नीति और नीयत दोनों से लोग वाकिफ हो गए है। केन्द्र की सरकार हो या राज्य की भाजपा सरकार दोनों डबल इंजन के बावजूद प्रदेश को विकास की एक मंजिल तक नहीं मिल पाई हैं भाजपा न तो अपने वादे निभा पाई है और न हीं जनहित की एक भी योजना का परिचय दे सके। समाजवादी सरकार के कामों पर ही पिछले पांच महीनों से भाजपा सरकार अपनी नकली मुहर लगा कर काम चला रही है। वैसे अब राज्य की जनता को विश्वास हो चला है कि साढ़े चार वर्ष बाद ही अखिलेश जी के मुख्यमंत्रित्वकाल में राज्य का विकास और बड़े काम हो सकेंगे।

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