1993 के मुंबई बम धमाके पर उज्जवल निकम का बड़ा खुलासा
नई दिल्ली, 16 जुलाई। बॉलीवुड फिल्म एक्टर संजय दत्त का एक अपराध आज भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। मुंबई बम धमाकों की सुनवाई में विशेष सरकारी वकील रहे उज्ज्वल निकम ने एक बड़ा दावा किया है उनका कहना है कि अगर अभिनेता संजय दत्त ने एके-47 से भरी वैन की जानकारी पुलिस को दी होती, तो साल 1993 मुंबई बम धमाके रोके जा सकते थे। इस हमले में 267 लोगों की जान गई थी और देश की सबसे बड़ी आतंकी घटनाओं में से एक के रूप में इसे याद किया जाता है।
संजय दत्त ने कानून की नजर में अपराध किया
उज्ज्वल निकम अब राष्ट्रपति की सिफारिश पर राज्यसभा में जा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने एक न्यूज चैनल के साथ इंटरव्यू की बातचीत में कहा कि संजय दत्त ने हथियार रखने का अपराध तो किया था, लेकिन उन्होंने कभी एके-47 का इस्तेमाल नहीं किया। उनका इरादा आतंक फैलाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ हथियारों की तरफ आकर्षित थे।
अबू सलेम संजय दत्त के घर वैन लेकर आया था
निकम ने कहा कि उसने कानून की नजर में अपराध किया, लेकिन वह एक सीधा-सादा आदमी है। मैंने उसे निर्दोष माना । निकम ने बताया कि धमाके से कुछ दिन पहले ही अबू सलेम संजय दत्त के घर एक वैन लेकर आया था, जिसमें ग्रेनेड और ने एके-47 जैसे हथियार थे। संजय दत्त ‘कुछ हथियार लिए फिर लौटाकर केवल एक एके-47 अपने पास रख ली अगर उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी होती, तो जांच शुरू होती और शायद 12 मार्च, 1993 के धमाके टल जाते।
बता दें कि साल 1993 के मामले में अदालत ने संजय दत्त को आतंकवाद विरोधी कानून टाडा से तो बरी कर दिया था, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में उनकी छह साल की सजा घटाकर पांच साल कर दी थी। उन्होंने यह सजा पुणे की यरवदा जेल में पूरी की।







