रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए करें आयुर्वेद पर भरोसा!
देश में इस वक्त कोरोना वायरस के इलाज को लेकर तमाम तरह की कवायद की जा रही है लेकिन इस महामारी से निपटने का कोई भी इलाज़ अभी तक विश्व का बड़ा से बड़ा विकसित देश भी नहीं ढूंढ पाया है। चाइना ने इस महामारी को नियंत्रण करने की घोषणा जरूर की है, इस महामारी से निपटने का टीका अभी तक कोई भी देश, यहां तक कि यूएसए यूके और चाइना जैसे विकसित देश भी नहीं ढूंढ पाएं हैं। भारत में भी इस बीमारी से जूझने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
जहां कुछ रोज पहले मरीजों की संख्या डेढ़ सौ के आसपास थी वहीँ अब ये संख्या 1440 तक पहुंच गई है स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण प्रधानमंत्री मोदी ने 21 दिनों का संपूर्ण लॉक डाउन भी घोषित कर दिया है। हालांकि इस दौरान एक अच्छी खबर यह सुनने को मिली कि डब्ल्यूएचओ ने स्वीकारा कि भारत एक ऐसा मुल्क है जिसने पहले भी दो वैश्विक महामारीयों से लड़ाई लड़के एक विशालकाय जीत हासिल की है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन सुप्रीम अधिकारियों ने माना है कि भारत जिस तरह से कोरोनावायरस के खिलाफ एक्शन ले रहा है वह एक सराहनीय कदम है और उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह भारत ने पिछली दो महामारियों को अपने देश से जड़ से खत्म करने की पहल की जिनमें चिकन पॉक्स और पोलियो शामिल है, इसी प्रकार कोरोनावायरस से निपटने का भी भारत एक अचूक उपाय निकालेगा।

एक भारतवासी होने के नाते मैं डब्लयू एच ओ के अनुमान से पूरी तरह सहमत हूं। भारत ने हजारों सालों से अपनी संस्कृति और सभ्यता के दम पर विश्व को अपनी ओर आकर्षित किया है। हम कभी विश्व गुरु कहलाया करते थे। हमने अपने धर्म ग्रंथ हो या फिर गुरु हो या फिर योगियों से धार्मिक परंपरा के साथ-साथ बौद्धिक, कलात्मक और राजनीतिक ज्ञान को भी अपनी आत्मा और शरीर में एकत्रित करने का गुण सिखा है। आज इस महामारी से बचने के लिए हमें हाथ धोना एक सलाह बताई जा रही है। हमें साफ सफाई रखना एक सलाह बताई जा रही है। दुनिया से हाथ मिलाने की बजाए हाथ जोड़ने की गुजारिश की जा रही है।
मैं मानता हूं कि यह सारे संस्कार हम भारतीयों को बचपन से ही दिए जाते है, हम शुरू से ही इन्हीं बातों का पालन करते आए हैं। अब वह बात अलग है कि मॉडर्न वर्ल्ड के साथ हमने अपने आपको चेंज कर लिया हो लेकिन हम सभी के अंदर कहीं ना कहीं वह सांस्कृतिक और सभ्यता वाला गुण शामिल है। फिर वह किसी भी धर्म से क्यों ना हो इसी तरह जब पूरी दुनिया इस महामारी का इलाज ढूंढने की कोशिश कर रही है। मैं मानता हूं कि हमें अपनी इम्यूनिटी पावर बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। आज कहा जा रहा है कि जिन लोगों में इम्यूनिटी पावर कम होती है, उन्हें यह बीमारी फौरन जकड लेती है। इसलिए मैं एक मुफ्त सलाह देना चाहता हूं कि आप आयुर्वेद पर विश्वास कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं और ये बात उसी प्रकार हमारी भारतीय सभ्यता में शामिल है जैसे हाथ धोना, साफ सफाई रखना और नमस्ते करना आदि । यह काफी पहले साबित हो चुका है कि आंवला, गिलोय, शिलाजीत और ऐसी अन्य जड़ी बूटियां हमारी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। आयुर्वेद के कई जाने-माने डॉक्टर आंवला,नीम, तुलसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को इन्फेक्शन दूर भगाने के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव देते हैं।
“पिछले कुछ वर्षों के गहन अध्यन और वेद विशारद होने के नाते मैं इस चीज को दावे के साथ कह सकता हूं कि आयुर्वेद और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि दुनिया की हर बीमारी को अपने शरीर से दूर रखने की क्षमता होती है”
मैं समझता हूं कि कोरोना वायरस से बचने का एक सीधा सा उपाय यह हो सकता है कि आप ठंडी चीजों से दूर रहें। वैसे भी जब हमें थोड़ा बहुत सर्दी जुखाम होता है तो हम ठंडी चीजों से दूर ही रहते हैं। कोरोना वायरस के साथ भी कुछ ऐसा खास नहीं है अगर हम ठंडी चीजों से दूर हैं तो इससे बचे रह सकते हैं। कोशिश करें गुनगुना पानी पिएं। आमतौर पर डॉक्टर भी सर्दी जुखाम में गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं, लेकिन मैं अपने अनुभव से ये कहूंगा कि वायरस के इस दौर में आप सिर्फ गुनगुना पानी नहीं बल्कि गुनगुना डिटॉक्स पानी पिएं। आप गुनगुने पानी को थोड़ा डिटॉक्स करके पिए तो यह शायद और ज्यादा बेहतर होगा। आप चाहे तो पानी में पुदीने के पत्ते, बड़ी इलायची या फिर लॉन्ग ऐसा कुछ मिलाकर भी पी सकते हैं। यह थोड़ा मुश्किल जरूर होगा लेकिन हां मुझे पूरा भरोसा है कि आप को बचाकर भी रखेगा। आप चाहे तो पानी को तुलसी के पत्ते के साथ भी डिटॉक्स कर सकते हैं। तुलसी के पत्ते में भी कई गुण शामिल होते हैं जिसके बारे में हम शुरू से ही पढ़ते और जानते समझते आए हैं। यदि आपको यह सब पानी में मिलाकर करने में कोई झिझक महसूस हो रही हो या अच्छा नहीं लग रहा हो तो आप अपने खाने में गरम मसाले की क्वांटिटी आज से ही बढ़ा लें लीजिए। गरम मसाले का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि गरम मसालों में सारी वह चीजें होती हैं जो आपके शरीर के टेंपरेचर को मेंटेन करके रखती है और उनमें कई तरीके के गुण भी शामिल होता है।
दूसरी चीज यह कि हमारे शरीर में बलगम जमता क्यों है, उसकी वजह होती विटामिन सी। विटामिन सी की कमी से हमें बलगम या जुखाम जैसी कोई समस्या होती है तो इससे बचने का एक सीधा सा उपाय शुरू से ही बताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति में खट्टी चीजें खाएं अब खट्टी चीजें क्या हो सकती हैं वो खट्टी चीजें नींबू हो सकता है या फिर संतरा हो सकता है। इन सब चीजों से हटकर मैं बचपन से ही एक चीज मानता चला आ रहा हूं कि यदि आप रोजाना हल्दी वाला दूध और चार बादाम खाते हैं तो में दावा कर सकता हूं कि आपको कोई भी बीमारी हाथ नहीं लगा पाएगी। आप इन दिनों के चमत्कारी गुण जानते ही होंगे। लेकिन इनका रोजाना सेवन आपको कोरोना जैसी ना जाने कितनी ही बीमारियों से रोज बचाता है।
अतुल मलिकराम, लेखक health24x7 आर्गेनिक के संचालक एवं जाने माने वेद विशारद हैं







