लो ब्लड प्रेशर को करना है कंट्रोल, तो करें ये योगासन

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बदलते लाइफस्टाइल के चलते आजकल लोगों का खान-पान और रहन-सहन पहले जैसा नहीं रहा। इसके कारण आजकल लोगों में लो ब्लड प्रैशर की समस्या आम देखने को मिलती है। धमनियों में ब्लड फ्लो धीमा होने के कारण दिमाग शरीर के कई अंगो तक पर्याप्त मात्रा में न्यूट्रीएंट और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। ब्लड प्रैशर कम होने के कारण रक्त संचार का धीमा होना, चक्कर आना और बेहोश होने जासी समस्या होने लगती हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताएंगे, जिससे आपकी ब्लड प्रैशर की समस्या दूर रहेगी। इन योगासन से न सिर्फ ब्लड प्रैशर कंट्रोल रहेगा बल्कि इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ेगा। इन्हें करने से मस्तिष्क शांत होता है और शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बेहतर होने लगता है। तो चलिए जानते हैं ब्लड प्रैशर को कंट्रोल और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने वाले योगासन।

1. सर्वांगासन
सर्वांगासन करने से आपका ब्लड प्रैशर कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा यह खून के प्रवाह को दिमाग तक पहुंचाने में सुधार करता है, जिससे चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।
कैसे करें सर्वांगासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद हाथों को जांघों के पास रखें। अब आप अपनें पैरों को पहले 30 डिग्री पर फिर 60 डिग्री और उसके बाद 90 डिग्री तक ले कर जाएं। हाथों को दबाकर नितंब ऊपर की ओर उठाते हुए पांवों को सिर की ओर लाएं और सहारे के लिए हथेलियां पीठ पर रखें। आप अपने शरीर को सीधा इस तरह से करते हैं कि ठोड़ी छाती पर आकर लगें। फिर पैरों को धीरे-धीरे नीचे लाते हुए सामान्य अवस्था में आ जाए। जब आप नीचे लौटते हैं तो अपने हाथों को नितंब के नीचे लाएं ताकि आप अपने शरीर को बेगैर किसी चोट के सामान्य अवस्था में ला सके।

2. मत्स्यासन
यह आसान रक्तचाप को बूस्ट करता है, जिससे आपका ब्लड प्रैशर नार्मल रहता है। इसके अलावा मत्स्यसाना कमर और गले की समस्या से परेशान लोगो के लिए भी फायदेमंद हैं।
कैसे करें मत्स्यासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप पद्मासन स्थिति में बैठ जाएं। इसके बाद धीरे-धीरे पीछे झुकें और पूरी तरह पीठ पर लेट जाएं। फिर बाएं पांव को दाएं हाथ से पकड़े और दाएं पांव को बाएं हाथ से पकड़ें और कोहनियों को जमीन पर टिका रहने दें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके घुटने जमीन को न छुएं। इसके बाद आप सांस लेते हुए हाथों की मदद से अपने सिर को पीछे गर्दन की ओरकरें। अब धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े। इस अवस्था को अपने हिसाब से मेन्टेन करें। फिर लंबा सांस छोड़ते हुए अपने सामान्य अवस्था में आ जाए।

3. उष्ट्रासन
उष्ट्रासन दो शब्द मिलकर बना है। उष्ट्र का अर्थ ऊंट होता है। इस मुद्रा में शरीर ऊंट के समान लगता है। यह आसन ब्लड प्रैशर कंट्रोल, खून के प्रवाह को दिमाग तक पहुंचाने के अलावा गुस्से को कंट्रोल के लिए भी काम आता है।
कैसे करें उष्ट्रासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। इस बात का ध्यान रखें कि जांघों तथा पैरों एक साथन हो और पंजे पीछे की ओर फर्श पर हो। घुटनों तथा पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी रखें। इसके बाद आप अपने घुटने पर खड़े होकर हो जाएं और सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें। अब दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर तथा बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखें। ध्यान रहे कि पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे। इसके बाद जांघों से फर्श पर समकोण बनाते हुए सिर पीछे को पीछे की ओर झुका लें। शरीर का वजन बांहों तथा पांवों पर समान रूप से होना चाहिए। अब धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस छोड़े। फिर लंबी गहरी सांस छोड़ते अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं। आप इस आसन को 5-7 बार कर सकते हैं।

4. बालसाना
जिन लोगों को लो ब्लड प्रैशर की समस्या होते हैं उनके लिए यह योगासन बेहद फायदेमंद होता है। बालसाना ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने के साथ-साथ बॉडी को फ्रेश महसूस कराता है। यह आसन आपके रक्तचाप के स्तर को स्थिर रखता है।
कैसे करें बालसाना
इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले मैट पर (वज्रासन) घुटने के बल बैठ जाएं और कमर बिल्कुल सीधी रखें। अब गहरी सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को सामने की ओर झुकाएं। दोनों हाथ पीछे की ओर रखें और कोशिश करें कि सिर सामने जमीन को छुए। अब जितना हो सके उतनी देर इसी अवस्था में रहने की कोशिश करें। फिर सांस छोड़ते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाते हुए फिर से वज्रासन की मुद्रा में आ जाएं।

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