हाथी की ताकत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: शिवसेना

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CM योगी के गढ़ में हार की उम्मीद नहीं थी: शिवसेना

मुंबई, 03 दिसम्बर। भले ही उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव में जीत पर बीजेपी जश्न मना रही हो, लेकिन शिवसेना ने इस जीत पर भी बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। वहीं दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का बचाव किया है. इस बार शिवसेना ने अपने वर्षों पुरानी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की आलोचना के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को चुना. शिवसेना के मुखपत्र सामना में गोरखपुर के उस बूथ का जिक्र किया गया है, जहां योगी आदित्यनाथ ने वोट डाला था और वहां एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।

सामना में लिखा गया है कि, ‘यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस बूथ पर मतदान किया था, वहां बीजेपी का प्रत्याशी खुद चुनाव हार गया. योगी के गढ़ में ऐसे चुनावी नतीजों की अपेक्षा पूरे राज्य में किसी को नहीं थी.’ इतना ही नहीं सामना में इसके आगे यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को निशाने पर लिया गया. उनके लिए लिखा गया, ‘योगी के साथ ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पार्टी को निराश किया है. उनके इलाके की 6 नगर पंचायत सीट बीजेपी हार गई।’

वहीं दूसरी तरफ सामना में लिखा गया है कि बीएसपी ने भले ही बहुत बड़ी जीत हासिल न की हो, लेकिन हाथी की ताकत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में जिस बूथ पर वोट किया था, वहां से शुक्रवार को हैरान करने वाली खबर सामने आई. वार्ड नंबर 68 में जिस सीट पर उन्होंने वोटिंग की थी, उस सीट पर ही बीजेपी हार गई है. यहां से नादिरा खातून नाम की महिला ने बीजेपी प्रत्याशी माया त्रिपाठी को 483 वोटों से हरा दिया. वहीं केशव प्रसाद मौर्य के घर में बीजेपी नगर पंचायत की सीट हार गई।

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