Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, September 25
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    कल खेल में हम हों न हों…?

    ShagunBy ShagunJune 7, 2022 Hot issue No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 566

    अतुल मलिकराम

    हाल ही में महज़ 53 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने की वजह से दुनिया को अलविदा कहने वाले बेहतरीन गायक और शानदार शख्सियत ‘केके’, बीते वर्ष 40 वर्षीय परफैक्टली फिट नजर आने वाले अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला और कन्नड़ फिल्मों के सुपरस्टार 46 वर्षीय पुनीत राजकुमार कुछ ऐसे नाम हैं, जो मेरे ज़हन में इतनी गहराई से उतर गए हैं कि अब जिंदगी पर विश्वास कुछ कम ही रह गया है। दिल में एक अजीब-सी बैचेनी बार-बार घर कर जाती है, कि शरीर से तंदुरुस्त दिखने वाली इन शख्सियतों की जिंदगियों में मौत आखिर इतनी जल्दी दस्तक कैसे दे गई।

    हालाँकि आम जिंदगी में ऐसा कई लोगो के साथ होता होगा, जब वे यह कहने को मजबूर हो जाते होंगे कि फलां आदमी कल तक तो एकदम ठीक था, वो दुनिया को छोड़कर कैसे जा सकता है..

    अर्थी पर रखे उनके हजारों अधूरे सपने और परिवार के सामने आखिरी साँसें न ले पाने की पीड़ा.. उफ्फ.. मेरे मन पर रखी हुई टन भर की चट्टान ने उन दिनों को कुरेदकर जख्मी कर दिया, जब दादी-नानी एक स्वस्थ और लम्बी आयु जी लेने के बाद भगवान को याद करती हुईं परलोक सिधारने की इच्छा रखती थीं। उनके कमरे के किसी कोने में बरसों से धूल खाता पड़ा हुआ लकड़ी का संदूक आज भी मेरे ज़हन में है, जब पूरे परिवार को अपने पास बैठाकर पोते को अपने हाथों से बनाया हुआ गुलुबंद, बड़ी बहु को करधनी, छोटी को बाजूबंद, नाचने की शौकीन पोती को रुनझुन करती हुईं पैजनियाँ जिस प्यार से वो दिया करती थीं,

    सच मानों, तो करोड़ों की मलकियत भी उसके आगे फीकी ही थी। उम्र का लम्बा पड़ाव पार करने के बाद काँपते हुए शरीर के साथ कमर में चौकस प्रिंट वाले सालों पुराने रुमाल में खुसी उस चाबी से संदूक का ताला खोलते समय उनके जेठ के बड़े बेटे की बहु की बेटी के कन्यादान में पैर पुजाई के लिए देने वाला हार भी उन्हें अच्छे से याद होता था।

    वह गीता का सोलहवाँ अध्याय, सिरहाने बैठे सभी बच्चे और पोते-पोतियाँ, भरे-पूरे परिवार के सामने दम तोड़ने की इच्छा कितनी सुकून भरी होती होगी! बच्चों को सारी जिम्मेदारियाँ सौंप कर चार धाम की यात्रा और गौदान का संकल्प भी हमारे घर के बुजुर्ग होश रहते ले लिया करते थे। आज जब दुनिया की चका-चौंध की इस भूलभुलैया में लोगों को भटकते हुए देखता हूँ, तो पाता हूँ, वह सुकून अब कहाँ? वो पैजनियाँ, वो करधनी अब कहाँ? वो संदूक और वह लम्बी-पूरी उम्र अब कहाँ?

    आजकल मृत्यु का पैटर्न बदल गया है। अब मृत्यु गीता का सोलहवाँ अध्याय सुनने-सुनाने का सुअवसर नहीं देती। अब बेटे-बहू के सामने हँसते-बतियाते हुए जाने की साध पूरी होती देखने में नहीं आती। बहुत से लोग तो इतनी युवावस्था में जा रहे हैं कि बहू, दामाद, नाती, पोतों जैसे सुखों का आनंद, चाँद छूकर आने जैसा सपना बनकर रह गया है। आजकल मौत, जिंदगी से इतनी नाराज़ चल रही है कि आखिरी बार परिवार वालों से मिलने का मौका भी नहीं दे रही। मन फिर केके, सिद्धार्थ और पुनीत की हकीकत को याद करके भर आया। जीवन ने इन्हें इतना मौका भी नहीं दिया कि माता-पिता, पत्नी, दोस्तों से आखिरी बार अपने मन की कुछ साध कह लेते। न ही दो चार दिन बीमार ही पड़े रहे कि कुछ आभास हो जाता।

    सोचता हूँ कि भाग-दौड़ करके, खुद के सुखों और इच्छाओं को भूलकर कमाया गया पैसा आखिर किस काम का, जब एक बार मिलने वाली जिंदगी भी सुकून से न जी जा सके। उम्र कम हो या अधिक, अंत में साथ सिर्फ और सिर्फ व्यवहार ही जाना है, तो क्यों न सभी से हँसकर मिला जाए। आपसे भी आग्रह ही है कि मन में पल रहे गीले-शिकवों को घर की देहलीज पर ही झटककर अंदर आएँ; आज की बात को आज ही खत्म कर दें; जिससे भी मिलें, प्यार से ही मिलें;

    आज की गलतियों को आज ही माफ करते चलें; अपने ख्वाबों को कल के भरोसे न छोड़ें, क्योंकि उन्हें पूरा करने के लिए कल हो भी या नहीं, हम नहीं जानते; किसी से रूठकर ना बिछड़ें; किसी को रुलाकर ना सोएँ; किसी को अपमानित करके बड़प्पन ना महसूस करें; किसी को दबाकर, किसी की स्थिति का फायदा उठाकर मूँछों पर ताव ना दें; हो सकता है अपनी गलती का एहसास होने तक वह व्यक्ति हमारी माफी सुनने के लिए मौजूद ही न हो, फिर किससे माफी माँगेंगे, किसकी सुनेंगे और किससे कहेंगे..

    अपना मन उदार रखें, छोटी-छोटी बातों को दिल से ना लगाएँ, चोट और धोखा बेशक किसी से ना खाएँ, लेकिन इतने तंगदिल भी ना हो जाएँ कि प्रेम के दो बोल भी हमसे सुनने के लिए हमारे संपर्क में आने वाले तरस जाएँ। ऐसे विदा हुए, तो तनी हुई भौंह और ताव वाली मूँछों में भी हमारी अंतिम तस्वीर सुंदर नहीं आएगी। विचार जरूर करिएगा, कल खेल में हम हों न हों..

    Shagun

    Keep Reading

    Union with Emptiness

    शून्यता से मिलन

    Grand launch of two new works by Dr. Vidyasagar Upadhyay on Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो नई कृतियों का भव्य लोकार्पण

    भूत बाबा आया

    भूत बाबा आया

    Play ‘Ghar Ki Murgi’ staged in Lucknow

    लखनऊ में नाटक ‘घर की मुर्गी’ का मंचन

    the rebel of worry

    फ़िक्र का बाग़ी

    Is God helpless, or is it our understanding? A new theory of hurt sentiments.

    ईश्वर असहाय या हमारी समझ? आहत भावनाओं की नई थ्योरी

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Vijay’s Story vs. Rajveer’s Investigation: A Powerful Clash Awaits in ‘Drishyam: The Conclusion’

    ‘आक्रोश’ के बाद फिर आमने-सामने अजय देवगन और जयदीप अहलावत

    September 24, 2026

    यूपी समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन कमजोर होने लगा

    September 24, 2026
    Euler Motors opens 15th showroom in Delhi-NCR; 122 outlets nationwide.

    ऑयलर मोटर्स ने दिल्ली-NCR में खोला 15वां शोरूम, देशभर में 122 आउटलेट्स

    September 24, 2026

    पांच शहरों में FSDA की बड़ी कार्रवाई, 7 रेस्तरां के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति

    September 24, 2026
    Anant Chaturdashi is on September 25; Lord Vishnu's 'Anant' (infinite) form will be worshipped.

    अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को, भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की होगी पूजा

    September 24, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading